कासगंज। धान की फसल में समय पर खाद डालने की चिंता के बीच जिले के किसान सहकारी समितियों पर सर्वर बंद होने की मार झेल रहे हैं। समितियों में यूरिया और उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध तो हैं, लेकिन बार-बार सर्वर डाउन होने से वितरण व्यवस्था ठप पड़ी है।
बुधवार को भी सुबह 11 बजे सर्वर बंद होते ही खाद का वितरण पूरी तरह रुक गया, जिससे घंटों लाइन में खड़े किसान मायूस होकर खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हुए। तबालपुर निवासी किसान भीमसेन का कहना है कि यह सर्वर की समस्या अब रोजाना की मुसीबत बन चुकी है।
बीते दिनों करीब छह दिन तक सर्वर ठप रहने के बाद सोमवार को खाद बंटी थी, लेकिन मंगलवार से फिर वही दिक्कत शुरू हो गई। इस वजह से खेती के सबसे अहम समय में किसानों को रोज समितियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
प्यारमपुर के किसान रमेश चंद्र ने दर्द बयां करते हुए बताया कि इस समय धान की फसल में यूरिया डालना बेहद जरूरी है। घंटों कतार में खड़े रहने के बावजूद खाद न मिलने से खेती का काम पिछड़ रहा है, जिससे फसल के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने प्रशासन से सर्वर की तकनीकी खामी को तुरंत दुरुस्त कराने की मांग की है।
खाली हाथ लाैटना पड़ रहा
- सर्वर खराब होने की समस्या लगातार सामने आ रही है। खेती का काम छोड़कर रोज समिति पर खाद के लिए जाते है, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। विभाग को इसका स्थायी समाधान निकालना चाहिए। शंकर लाल,निवासी नगला नोकस
- धान की फसल में यूरिया खाद डलानी थी, लेकिन दो दिन से समिति के चक्कर लगा रहे हैं। खाद न मिलने से फसल की बढ़वार प्रभावित हो रही है। यदि यही स्थिति रही तो आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।-शिवदयाल, निवासी विरसुआ
- खेती का हर दिन जरूरी होता है। सर्वर में कमी आने से समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए ताकि तकनीकी खराबी के बावजूद खाद का वितरण जारी रह सके। सुरेश चंद्र, निवासी छत्ता नगला
वर्जन
खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और समस्या केवल सर्वर से जुड़ी है। सर्वर के अचानक बंद होने से वितरण प्रभावित हुआ है। तकनीकी समस्या दूर होते ही समितियों पर खाद वितरण दोबारा शुरू करा दिया जाएगा।- राकेश शंकर श्रीवास्तव, एआर को-ऑपरेटिव