कासगंज। शहर को स्वच्छ और खुले में शौच से मुक्त बनाने के दावे कागजी साबित हो रहे हैं। नगर पालिका की ओर से लाखों रुपये की लागत से बनाए गए सामुदायिक और पिंक शौचालय ताले में कैद हैं जिससे राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में कुल 17 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं जिनमें से अधिकांश पर ताले लटके रहते हैं। अशोक नगर में शौचालय बंद रहने के कारण लोग इसे दोपहिया वाहनों की पार्किंग बना चुके हैं। आवास विकास कॉलोनी (पानी की टंकी के पास) और नगर पालिका परिसर (कर विभाग के पास) के शौचालय भी हमेशा बंद मिलते हैं।
वहीं, पुराने एसडीएम ऑफिस के पास (गली धोबियान) और आफिसर कॉलोनी के शौचालय जर्जर हो चुके हैं। धोबियान गली वाले शौचालय से पानी के टैंक और रैलिंग तक गायब हैं जिससे जलापूर्ति पूरी तरह ठप है।
स्थानीय निवासी शील प्रिय विद्यार्थी ने बताया कि वार्ड नंबर 01 वाल्मीकि बस्ती का शौचालय भी उपयोगहीन पड़ा है। आरोप है कि इस संबंध में कई बार नगर पालिका अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। प्रशासन की इस उदासीनता के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और जनता को जरूरी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
बस स्टैंड के पास बना पिंक शौचालय भी बंद
रोडवेज बस स्टैंड के पास महिलाओं की सुविधा के लिए बनाया गया पिंक शौचालय भी अक्सर बंद रहता है। यहां आने-जाने वाली महिलाओं और यात्रियों को शौचालय की सुविधा नहीं मिल पाती। लोगों का कहना है कि जब शौचालय का उपयोग ही नहीं होना है तो निर्माण भी नहीं करवाना था।
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व्यवस्था पर उठे सवाल
सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के साथ इनके नियमित संचालन और साफ-सफाई की व्यवस्था भी जरूरी है लेकिन कई स्थानों पर शौचालय बंद रहने से नगर पालिका की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने बंद शौचालयों को खुलवाने, नियमित सफाई कराने और जिम्मेदार कर्मचारियों की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।
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लोगों की बात
-पुराने एसडीएम ऑफिस के पास बना सामुदायिक शौचालय 7-8 माह से बंद पड़ा है। नगर पालिका कर्मियों से कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं होती। - बहार मिंया निवासी जामा मस्जिद क्षेत्र
- अशोक नगर में पांच साल सामुदायिक शौचालय बंद पड़ा है। यहां पर काफी गंदगी रहती है। स्वयं सफाईकर्मी लगाकर यहां की सफाई कराई है। - अंकित कुमार निवासी अशोक नगर
वर्जन :
-सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। बंद पड़े सामुदायिक शौचालय को नगर पालिका कर्मियों से निरीक्षण कराकर उन्हें सुचारू कराने के लिए अधिशाषी अधिकारी को निर्देश दिए हैं। दिग्विजय सिंह ,अपर जिलाधिकारी कासगंज।