उत्तर प्रदेश के कासगंज में शिक्षक पात्रता परीक्षा-2011 में फर्जीवाड़े की बू आ रही है। जिले में तैनात शिक्षिका रजनी यादव के प्रमाणपत्र पर ऑफलाइन और ऑनलाइन अंतर मिला है। इसकी रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा परिषद से भेजी गई है। शिकायत मिलने पर बीएसए ने शिक्षिका का वेतन रोक दिया। हालांकि ऑफलाइन जांच रिपोर्ट आने के बाद वेतन लगा दिया गया है।
शिक्षिका रजनी के ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रमाणपत्र में अंतर मिलने के मामले को विधायक अमांपुर हरिओम वर्मा ने संज्ञान में लिया। उन्होंने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में बीएसए पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। साथ ही जिले में तैनात शिक्षक देवेंद्र यादव, राजीव कुमार गौतम, अमित कुमार, आनंद कुमार सिंह के टेट प्रमाणपत्र-2011 के फर्जी होने की बात लिखी। उन्होंने बीएसए को पद से हटाकर मामले की जांच कराने की मांग की।
बीएसए राजीव यादव ने बताया कि शिक्षिका रजनी की टेट परीक्षा के प्रमाण-पत्र की ऑनलाइन जांच में चंद्रशेखर का नाम सामने आ रहा है। इनका वेतन रोककर माध्यमिक शिक्षा परिषद को प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए भेजा गया है। वहां से रजनी के प्रमाणपत्र को सही बताया गया है। इसके आधार पर वेतन लगा दिया गया है। प्रमाणपत्र की फिर से क्रास चेकिंग कराई जा रही है। ताकि सही स्थिति सामने आ सके। अन्य शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी होने की शिकायत मिली है। इसकी भी जांच कराई जा रही है।