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Kasganj News: कोर्ट की रोक के बाद भी नाराजगी, सरकार से नियम समाप्त करने की मांग

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फोटो43कासगंज में यूजीसी बिल कानून के विरोध में बैठक करते लोग। स्रोत:विज्ञ​प्ति
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कासगंज। सवर्ण समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक बृहस्पतिवार रात कपिल मुनि धर्मशाला में आयोजित की गई। जिसमें सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी नए यूजीसी के नए नियम पर नाराजगी जाहिर की गई। बैठक में शंकराचार्य विवाद और बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे पर चर्चा हुई। समाज का उत्पीड़न न रुकने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
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समाज सेवी चंद्रभूषण द्विवेदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने नए यूजीसी नियम पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है, लेकिन इससे सवर्ण समाज की नाराजगी कम नहीं होती। उनका कहना था कि यह नियम सवर्ण समाज के लिए अन्यायपूर्ण है और इसे केंद्र सरकार को रद्द करना चाहिए। स्वामी अंकित मिश्रा ने कहा कि यदि सवर्ण समाज संगठित नहीं हुआ तो ऐसे नियम भविष्य में समाज के लिए कलंक बन सकते हैं। विजय सक्सेना ने कहा कि यूजीसी जैसे नियम पिछली भूलों का परिणाम हैं और आगे और भी ऐसे कानून आ सकते हैं, इसलिए समाज को सतर्क और एकजुट रहना होगा। व्यापारी नेता अखिलेश अग्रवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का स्थगन आदेश स्थायी समाधान नहीं है। इसे सरकार ही समाप्त करे।
बैठक में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ कथित अभद्रता तथा बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि सवर्ण समाज की बैठक हर तीन महीने में आयोजित की जाएगी। इस मौके पर कासगंज बंद और सवर्ण मार्च जैसे प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। बैठक में अजय तिवारी, मनोज सोलंकी, आदर्श माहेश्वरी, अश्वनी चतुर्वेदी, मनोज शर्मा, कबीर प्रताप, विशाल पांडेय, दुर्गेश दुबे आदि उपस्थित रहे।
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यूजीसी का काला कानून वापस ले सरकार
कासगंज। अमांपुर में यूजीसी के नए सुधारों के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने यूजीसी काला कानून वापस लो के नारे लगाए। इसके बाद एटा रोड पर हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। विनय प्रताप सोलंकी ने कहा कि यह कानून शिक्षा, योग्यता, समान अवसर और संवैधानिक संतुलन पर आघात करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके दुष्परिणाम सामान्य वर्ग और सवर्ण समाज के मेधावी छात्रों और शिक्षकों पर भी पड़ेंगे। इस अवसर पर मीना चौहान, बाबा बालक मुनि, राजेश भारद्वाज, सुखबीर चौहान, अनुज राघव सहित अनेक नागरिक मौजूद रहे।
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