कासगंज। खेत पर जाते युवक से मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के करीब 14 साल पुराने मामले में अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट खान जीशान मसूद के न्यायालय ने शिवराज और जयप्रकाश को दोषी ठहराते हुए साढ़े तीन साल के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, 21 अगस्त 2011 को गांव दिहारी थाना कासगंज में दोपहर करीब 12 बजे गीतम सिंह खेत की ओर जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में शिवराज, जयप्रकाश और दो अन्य लोगों ने उन्हें पीटा। विरोध करने पर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए।
घटना के तीन दिन बाद 24 अगस्त 2011 को पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना पूरी होने के बाद शिवराज और जयप्रकाश के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मामले में वादी गीतम सिंह समेत गवाहों के बयान और घटना से संबंधित साक्ष्य पेश किए गए।
अदालत ने धारा 323 और 504 के तहत छह-छह माह के कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं धारा 506(2) के तहत दोनों को तीन साल छह माह के कारावास से दंडित किया गया है। सभी सजाएं साथ चलेंगी। दोनों को सजा भुगतने के लिए जिला कारागार भेजने के निर्देश दिए गए हैं।