फोटो31सोरोंजी में भगवान वराह का अभिषेक करते श्रद्धालु।संवाद
सोरोंजी। मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर शुक्रवार को तीर्थनगरी के हरि की पौड़ी किनारे स्थित क्षेत्राधीश वराह मंदिर में भगवान वराह का अभिषेक किया गया। अभिषेक के दौरान मंदिर परिसर भगवान वराह के जयकारों से गूंज उठा। पंडित नरेश त्रिगुणायत ने भगवान वराह के अभिषेक का महत्व बताया। कहा कि भगवान वराह के पूजन से जीवन के हर कष्ट से मुक्ति मिलती है।
क्षेत्राधीश वराह मंदिर में सुबह भगवान वराह की मंगला आरती के बाद भगवान का गंगाजल, दूध, दही, घृत, शहद से पंचाभिषेक किया गया। आचार्य पंडित नरेश त्रिगुणायत ने वैदिक मंत्र उच्चारित करते हुए विधिविधान पूर्वक अभिषेक कराया। इसके बाद भगवान का नूतन वस्त्र अलंकार से भव्य शृंगार किया गया। भगवान को मेवा-मिष्ठान का भोग लगाया गया। शंख और घंटे की गूंज के बीच भी भगवान की महाआरती उतारी गई।अभिषेक के दौरान महंत विदेहानंद गिरी, हेमेंद्र शास्त्री, संतोष शर्मा, हरिदास आदि मौजूद रहे। संवाद