फोटो41कलेक्ट्रेट पर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते शिक्षक ।स्रोत:विज्ञप्ति
कासगंज। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में विभिन्न शिक्षक संगठनों ने बीएसए कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रधानमंत्री से अध्यादेश लाकर आरटीई से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग की।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 27 जुलाई 2011 को लागू किया गया। सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2026 का निर्णय पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के साथ यह अन्याय है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष खूबेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि सेवा के अंतिम चरण में पहुंच चुके शिक्षकों के लिए आयु अधिक होने के कारण पुनः परीक्षा देना व्यवहारिक रूप से कठिन है। टीईटी में शामिल होने के लिए स्नातक एवं बीटीसी प्रशिक्षण अनिवार्य है, जबकि वर्ष 2001 से पूर्व नियुक्त कई बेसिक शिक्षक इंटरमीडिएट एवं बीटीसी धारक हैं।
महिला शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष सरिता शर्मा ने कहा कि मृतक आश्रित कोटे से 31 दिसंबर 1999 तक नियुक्त शिक्षकों को प्रशिक्षण योग्यता से छूट प्राप्त थी, वर्ष 2018 से बीटीसी/डीएलएड को न्यूनतम योग्यता निर्धारित की गई। टीईटी की अनिवार्यता से शिक्षकों का भविष्य प्रभावित होगा। इस दौरान अरविंद शर्मा, जमीर आलम ,शिव कुमार, मुहम्मद अली ताज,अनवार हिलाल, सत्य प्रकाश पाल, राजेश शाक्य, अमित द्विवेदी आदि मौजूद रहे।