कासगंज में गंगा घाट पर देखते ही देखते जिंदगी गंगा में ओझल हो गई। गंगा नहा रहे लोगों को धारा के बीच से चीख सुनाई दी। बचा लो बचा लो...जब तक कुछ किया जा सकता लोगों की आंखों के सामने एक किशोर बह गया।
उत्तर प्रदेश के कासगंज में गंगा में उतरी भैंस को बाहर निकालने कूदा बालक तेज बहाव में बह गया। आसपास के लोगों ने देखा तो शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के गोताखोर उसे बचाने के लिए नदी में कूदे। देर शाम तक बालक की तलाश करते रहे लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका।
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घटना सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र के नगला बल्ली गांव की है। गांव निवासी विमलेश (12) सोमवार की सुबह अपने मवेशी लेकर गंगा किनारे चराने गया था। भैंस चरते हुए गंगा में घुस गई। काफी देर तक वह पानी में घुसी रही। पहले उसने बाहर से निकालने की कोशिश की। लेकिन जब भैंस नहीं निकली तो वह उसे निकालने के लिए गंगा में छलांग लगा दी। भैंस को बाहर निकालने के में वह गहराई में चला गया।
गहराई में जाने से वह डूबने लगा। उसने बचाने के लिए आवाज लगाई। चीख सनुकर बाहर खड़े लोग भी चिल्लाए। तैराकी जानने वाले कुछ लोग उसे बचाने के लिए धारा में कूद गए। लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण भा पहुंच गए। बालक के डूबने की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि गोताखोर की मदद से बालक की तलाश की जा रही है।