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साकार हरि: 30 बीघे में भोले बाबा का आश्रम... तो पांच में बना है अनुयायी विश्राम गृह; खुद की है आर्मी

Tue, 02 Jul 2024 08:23 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज

सार

बहादुरनगर में 30 बीघे में भोले बाबा का आश्रम तो पांच बीघे में अनुयायी विश्राम गृह बना है। बाबा के पास खुद के सेवादारों की आर्मी भी है। 
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आश्रम के गेट पर तैनात बाबा के गार्ड - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में पटियाली तहसील क्षेत्र के बहादुर नगर गांव में बना भोले बाबा का आश्रम काफी प्रसिद्ध है। बड़ी संख्या में देश के लोग यहां पहुंचते हैं। लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां आते हैं। उनका भरोसा रहता है बाबा का आर्शीवाद मिलने से उनकी मनोकामनाएं पूरी होंगी। 

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बाबा का आश्रम तीस बीघा जमीन में बना हुआ है। जिले में कोई दूसरा ऐसा पूर्ण निर्माण का आश्रम नहीं है। आश्रम पर अनुयायियों के रुकने के लिए 5 बीघा जमीन में विश्राम घर बना हुआ है। प्रतिदिन ही बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं और पर्वों के दिन में तो लोगों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। सत्संग हो या न हो कोई कार्यक्रम हो या न हो लेकिन भक्तों पर इसका कोई असर नहीं। वे आते हैं और माथ टेकते हैं। 

आश्रम और आश्रम के आस पास माहौल भक्ति का रहता है। वैसे तो तमाम गांव के लोग घर के बाहर चापराई पर ही अस्थायी रूप से खाने पीने के सामान की दुकान लगा लेते हैं, लेकिन मंगलवार को पानी व खाद्य पदार्थ की दुकानें गांव के लोग सजाते हैं। जिससे बाबा के आश्रम में आने वाले अनुयायियों के द्वारा की जाने वाली खरीद से ग्रामीणों की आमदनी हो जाती है।

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अनुयायियों के रुकने के लिए लगभग 5 बीघा ज़मीन में बना अनुयायी विश्रामगृह - फोटो : संवाद

भोले बाबा के सेवादारों की है आर्मी

भोले बाबा के सत्संग का आयोजन जब भी होता है तो उनके सेवादारों की आर्मी सत्संग की सुरक्षा व्यवस्था, परिवहन, पार्किंग, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करती है। सेवादारों की आर्मी में महिलाएं भी शामिल होती हैं। जहां भी कथा का आयोजन होता है वहां मैदान की सफाई का कार्य महिला सेवादारों के द्वारा किया जाता है। वहीं पुरुष हाथ में बैंत लेकर और सीटी बजाते हुए परिवहन और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करते हैं। 
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