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Kasganj News: 500 साल बाद राजयोगों के साथ होली, 4 को होगा होलिका दहन

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कासगंज। इस बार होली का पर्व 500 साल बाद बनने वाले राजयोगों के साथ मनाया जाएगा। मालव्य महापुरुष और शुकादित्य राजयोगों में 2 मार्च को होली पूजन होगा, जबकि 3 मार्च को चंद्रग्रहण पड़ने के कारण सुबह से ही सूतक शुरू हो जाएगा। इस वजह से होलिका दहन और रंगोत्सव 4 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त में आयोजित किया जाएगा, ताकि पर्व शास्त्र सम्मत और शुभ तरीके से मनाया जा सके।
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ज्योतिषाचार्य भरत राम गौड़ के अनुसार, इस साल पूर्णिमा तिथि 2 मार्च शाम 5 बजकर 56 मिनट पर शुरू होकर 3 मार्च शाम 5 बजकर 8 मिनट पर समाप्त होगी। पंचांग के अनुसार, यदि पहले दिन पूर्णिमा तिथि में प्रदोष काल का स्पर्श हो रहा हो, तो पहले दिन ही भद्रा रहित काल में होलिका दहन करना चाहिए। लेकिन 2 मार्च को सिंह राशि में चंद्रमा होने के कारण भद्रा का पृथ्वीलोक में वास रहेगा, जो अशुभ माना जाता है। इसलिए इस बार होलिका दहन नहीं होगा।
3 मार्च को चंद्र ग्रहण पड़ने के कारण सुबह 5 बजे से सूतक लग जाएगा, जो शाम 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। इस वजह से क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार होलिका दहन 4 मार्च को प्रतिपदा तिथि में ब्रह्म मुहूर्त में करना शुभ माना गया है। इसी दिन रंगोत्सव भी मनाया जाएगा।
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सत्य, धर्म की जीत का प्रतीक है होली
ज्योतिषाचार्य भरत राम गौड़ के अनुसार होलिका दहन केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह पर्व फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को मनाया जाता है और भक्त प्रह्लाद की कथा पर आधारित है। कथा हमें यह संदेश देती है कि चाहे कितना भी अन्याय हो, अंततः सत्य और धर्म की ही जीत होती है। साथ ही यह पर्व आपसी मेल-जोल, भाईचारे और एकता को भी बढ़ावा देता है, क्योंकि लोग पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं। 500 साल बाद शुक्र ग्रह मालव्य महापुरुष राजयोग बना रहा है और सूर्य-शुक्र संयोग से शुक्रादित्य राजयोग भी बन रहा है। इसके अलावा सूर्य, बुध, मंगल और राहु का योग भी पर्व के शुभ समय और महत्व को बढ़ाता है।


होली पर करें ये सिद्ध उपाय
होलिका की भस्म को घर में लाकर हर कोने में छिड़क दें। ऐसा करने से नकारात्मकता दूर होती है। होलिका दहन की अग्नि की बची हुई राख को घर लाकर लाल कपड़े में बांध लें और फिर उसको धन रखने के स्थान जैसे अलमारी या तिजोरी में रख दें। ऐसा करने से आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। करियर और कारोबार में तरक्की नहीं मिल रही हो तो आप लोग 21 गोमती चक्र लेकर होली दहन के दिन रात्रि में शिवलिंग पर चढा दें। ऐसा करने से व्यापार और नौकरी में तरक्की मिलने के योग बनेंगे।
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