फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत सकरौली के मजरा नयनसुख खेड़ा निवासी श्याम किशोर राठौर (28) मजदूरी करता था। गुरुवार शाम पड़ोस के सकरौली गांव निवासी वीरेंद्र यादव उर्फ गोबरे के साथ घर से निकला था। देर रात तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश की लेकिन कुछ पता न चला।
सड़क किनारे पड़ा मिला उसका शव
फोन न रखने से संपर्क भी नहीं हो पाया। शुक्रवार सुबह परिजन तलाश कर रहे थे तभी गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बांगरमऊ कोतवाली के मल्हपुर गांव के पास सड़क किनारे उसका शव मिला। बड़े भाई कौशल किशोर शव की पहचान की। श्याम किशोर की वजनी चीज से सिर कूंचकर हत्या की गई।
खोजी कुत्ता करीब एक किलोमीटर दूर तक जाकर लौटा
शरीर के अन्य हिस्सों में कई चोटें मिलीं। भाई कौशल ने वीरेंद्र यादव पर हत्या का आरोप लगाया। घटना की सूचना पर एएसपी प्रेमचंद्र, सीओ अरविंद चौरसिया और बांगरमऊ कोतवाल पहुंचे। खोजी कुत्ता शव के पास से सड़क पर करीब एक किलोमीटर दूर तक जाने के बाद लौट आया।
हाथ की मुट्ठी में फंसे मिले कुछ बाल
फोरेंसिक टीम को मृतक के दाहिने हाथ की मुट्ठी में कुछ बाल फंसे मिले हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसने अपने बचाव में हमलावर बाल पकड़े होंगे, जो उखड़ कर उसके हाथ में फंस गए। पुलिस ने साथ रहे दोस्त की तलाश की, तो वह नहीं मिला। मृतक के भाई कौशल किशोर ने वीरेंद्र यादव उर्फ गोबरे पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जिंदगी के लिए किया संघर्ष
जिस स्थान पर श्याम किशोर का शव मिला वहां के हालातों से अंजादा लगाया जा रहा है कि उसने मौत से पहले खुद को बचाने के लिए काफी संघर्ष किया। करीब दस मीटर की दूरी पर बाएं पैर की चप्पल पड़ी मिली और दाहिने पैर की चप्पल उसके अंगूठे में फंसी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीने और चेहरे पर मिले खरोंच के निशान भी इशारा कर रहे हैं कि मौत से पहले उसने खुद को बचाने के लिए काफी संघर्ष किया।
दोनों में थी गहरी दोस्ती, साथ करने जाते थे काम
मृतक श्याम किशोर राठौर और हत्यारोपी वीरेंद्र यादव दोनों आपस में जिगरी दोस्त हैं। दोनों का एक दूसरे के घर आना जाना है। यही नहीं दोनों काम पर जाने के साथ शराब ठेके पर भी साथ जाते थे। गुरुवार को भी दोनों वहीं जाने के लिए निकले थे, लेकिन उसके बाद न ही श्यामकिशोर घर पहुंचा और न ही वीरेंद्र। शुक्रवार सुबह उसका शव पड़ा मिला।
दस भाई बहनों में आठवें नंबर का था
मृतक श्याम किशोर राठौर दस भाई बहनों में आठवें नंबर का था। अभी उसका विवाह नहीं हुआ था। इससे छोटी दो बहने हैं, उनकी भी शादी नहीं हुई है। बेटे की मौत से मां शिववती और अन्य परिजन बेहाल हैं। परिजनों के मुताबिक एक साल पहले इसका मानसिक संतुलन भी बिगड़ गया था। इलाज कराने के बाद सही हो गया था और वह काम पर भी जाने लगा था।
शराब के चक्कर में बेच डाली छह बीघा जमीन
जिस वीरेंद्र यादव पर युवक की हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई है, वह भयंकर शराब का लती है। वह माता पिता की इकलौती संतान है। शराब की लत के चलते उसने अपनी छह बीघा जमीन औने पौने दाम में बेचकर सभी का नशा कर डाला। चर्चा यह भी है कि मृतक के घर आरोपी का काफी समय से आना जाना है। इसलिए पुलिस महिलाओं से जुड़े बिंदु पर भी जांच कर रही है।