केंद्रीय विद्यालय संगठन ने अब खुद को अपग्रेड किया है। अब केंद्रीय विद्यालयों में यू ट्यूब के वीडियो के जरिए स्टूडेंट्स को चैप्टर समझाया जायेगा।
इसके अलावा टॉपिक को समझाने के लिए टीचर को इंटरनेट की मदद से नोट्स बनाकर स्टूडेंट्स को देने होंगे। साथ ही क्लास 1 से 12 तक स्मार्ट क्लासेज चलेंगी। सभी स्कूलों को सत्र 2015-16 से यह अपने स्कूलों में लागू करना होगा।
हाइटेक हो रहे स्कूलों की दौड़ में अब केंद्रीय विद्यालय भी शामिल हो गए है। टीचिंग को इंप्रूव्ड करने के लिए इंटरनेट के ज्ञान का भंडार भी खंगालने के नए निर्देश टीचर्स को दे दिए हैं।
कानपुर में केवी के कोआर्डिनेटर और केवी आईआईटी के प्रिंसिपल कन्हैयालाल तिवारी ने बताया कि स्कूलों को स्मार्ट क्लासेज करने के निर्देश संगठन की ओर से दिए गए है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास बोर्ड में स्टूडेंट्स को लाइव वीडियो चलाकर टॉपिक समझाया जायेगा। अगर किसी को वॉटर मैनेजमेंट समझाना हो तो किताबों से पढ़ाने के बजाए टीचर्स को वीडियो के माध्यम से समझाना पड़ेगा।
समुद्र, ग्लेशियर क्या होते है, इसके चित्र दिखाने के बजाए वीडियो दिखाए जायेंगे, जो बच्चों के मन में हमेशा के लिए रहेंगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली में हुई बैठक में सभी टीचर्स को इसकी ट्रेनिंग भी दी गई है।
टीचिंग मैथड को बताती हुई सीडी और डीवीडी भी दी गई है, ताकि बच्चों को समझाने में दिक्कत न आए। बताया कि टॉपिक देकर बच्चों को नेट सर्च करना परेशानी भरा है।
नेट पर कई ऐसी चीजें है जो बच्चों के मतलब की नहीं होतीं, ऐसे में टीचर्स खुद सर्च करें, नोट्स बनाएं और बच्चों को दें।