केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के आने से जिस तरह भारत और अमेरिका के रिश्ते मजबूत हुए हैं, उसी तरह हम अपने पड़ोसी मुल्कों से भी रिश्ते मजबूत करने के पक्ष में हैं, चाहे वह चीन हो, पाकिस्तान हो या फिर श्रीलंका या अन्य देश।
पड़ोसी मुल्कों के साथ जो भी सीमा विवाद हैं, उन्हें सुलझाने के लिए भारत तैयार है। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से पहल की जा चुकी है।
वह बुधवार को महाराजपुर स्थित आईटीबीपी 32वीं वाहिनी के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। गृहमंत्री ने कहा कि भारत, चीन-पाकिस्तान और अन्य पड़ोसी देशों से दोस्ती का रिश्ता रखना चाहता है।
राजनाथ ने कहा कि देश के दुर्गम स्थानों पर तैनात जवानों को अपने परिवार से जुड़े रहने और बेहतर संचार प्रणाली को विकसित करने के लिए आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके लिए जल्द ही इन स्थानाें पर मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही देश की सीमाओं की सुरक्षा का ढांचा भी मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि चीन से सटी सीमा पर 27 सड़कों के निर्माण का काम प्रगति पर है जबकि मंत्रालय ने 34 अन्य सड़कों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसी तरह चीन की सीमा पर 22 चौकियां स्थापित हो गई हैं।
तेरह चौकियां और स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस दौरान उन्होंने आईटीबीपी जवानों की हौसला आफजाई की।
कहा कि अफगानिस्तान के भारतीय दूतावास पर हुए फिदायीन हमले को नाकाम करने, केदारनाथ में आए जलप्रलय के दौरान रेस्क्यू आपरेशन में जवानों ने अदम्य साहस दिखाया।
इससे पहले गृहमंत्री ने सर्वप्रथम आईटीबीपी के जवानों की सलामी परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद मंच से रिमोट कंट्रोल के जरिए भवनों के शिलापटों का अनावरण किया।
मंच पर आईटीबीपी के डीजी श्रीप्रकाश मिश्र ने मुख्य अतिथि को शाल एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
इस मौके पर आईटीबीपी के महानिरीक्षक पूर्वी कमान (लखनऊ) संजय सिंघल, उप महानिरीक्षक नवीन अरोरा एवं सेनानायक पीएसी केएस इमैनुअल के अलावा संयुक्त सचिव (गृह) शैलेष कुमार मौजूद रहे।
इससे पहले गृहमंत्री चकेरी हवाई अड्डे पर बीएसएफ के एयर क्राफ्ट से पहुंचे। यहां से वह कार से आईटीबीपी कैंपस गए। उनके साथ सांसद देवेंद्र सिंह भोले और विधायक सतीश महाना थी थे।