प्राथमिकता के तहत नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कराया
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्राथमिकता के तहत नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कराया, ताकि महिलाओं के लिए विधानसभा और लोकसभा में एक तिहाई सीटें आरक्षित हों। वास्तव में भारत, प्राचीन काल से ही नारी शक्ति के प्रति सम्मान का भाव रखता रहा है।
बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान से पहले चौंकाने वाले आंकड़े आते थे
1952 में पहले चुनाव में हमारे देश की महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिल गया था। जबकि दुनिया के अंदर आधुनिक लोकतंत्र के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले ब्रिटेन की महिलाओं को भी वोट देने का अधिकार बाद में प्राप्त हुआ। बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान से पहले आंकड़े चौंकाने वाले आते थे।
विकास सबका करेंगे, सबका साथ भी लेंगे
कई कुरीतियों के कारण बेटे और बेटियों में असंतुलन की स्थिति पैदा होने लगी थी, लेकिन अब काफी हद तक बेटे बेटियों में समानता आ रही है। हमने जातिवाद और परिवारवाद, भाषा के नाम पर सामाजिक ताने बाने को छिन्न भिन्न करने का पाप नहीं किया है। बल्कि प्रधानमंत्री के मूल मंत्र सबका साथ सबका विकास के तहत काम किया है। विकास सबका करेंगे, सबका साथ भी लेंगे, लेकिन तुष्टीकरण किसी का नहीं करेंगे। अराजकता और अव्यवस्था पैदा करने की छूट किसी को नहीं देंगे।
गोल्ड मेडल जीतने पर तीन करोड़ पुरस्कार और डिप्टी एसपी का पद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति को वंदन करते हुए कहा कि खेलों के क्षेत्र में भी प्रदेश सरकार नारी शक्ति को बढ़ावा देने का काम कर रही है। उन्होंने खेलकूद के क्षेत्र में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले को प्रदेश सरकार द्वारा तीन करोड़ का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। साथ ही डिप्टी एसपी का पद भी देंगे।
बुंदेलखंड की महिलाओं को बताया आदर्श
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड की महिलाओं की स्वावलंबन की दिशा में कदम उठाने पर सराहना की। कहा कि 40 हजार से अधिक बहनें कैसे स्वावलंबन का आधार बन सकतीं हैं। इसका आदर्श उदाहरण बुंदेलखंड की महिलाएं प्रस्तुत कर रहीं हैं। इन महिलाओं का वार्षिक टर्नओवर 150 करोड़ का है। वह 16 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमा रहीं हैं।