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अलविदा 2022: लौट रहा पुराना औद्योगिक स्वरूप, कानपुर में अब 54690 इकाइयां

Tue, 27 Dec 2022 02:28 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमित अवस्थी

सार

कानपुर में जहां नई इकाइयों का सृजन हुआ है। वहीं निर्यात भी रिकॉर्ड तोड़ होने का अनुमान है। अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक शहर से 9509 करोड़ का निर्यात हुआ था। अप्रैल 2022 से अक्तूबर 2022 तक 6163 करोड़ का निर्यात किया जा चुका है। इस पूरे वित्तीय वर्ष में 13 हजार करोड़ से ज्यादा के निर्यात का अनुमान है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयों (एमएसएमई) के दम पर शहर फिर से अपने पुराने औद्योगिक स्वरूप की ओर लौट रहा है। उद्योग पंजीकरण की प्रक्रिया आसान होने और बढ़ावा देने वाली योजनाओं के चलते इस वित्तीय वर्ष में 17,413 नई इकाइयां शुरू हुईं हैं। इनमें सूक्ष्म 16956, लघु 437 और मध्यम श्रेणी की 20 इकाइयां हैं। इसके साथ ही अपना कानपुर 54690 इकाइयों वाला शहर बन गया है।

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इन नई इकाइयों में सबसे ज्यादा चमड़ा उत्पादों की इकाई हैं। इसके बाद एग्रोफूड, फिर प्लास्टिक उत्पादों की इकाइयां हैं। इन इकाइयों में एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। सितंबर 2020 से पहले तक औद्योगिक इकाइयों का पंजीकरण उद्योग आधार पंजीकरण के तहत होता था। इसके बाद केंद्र सरकार ने उद्यम पंजीकरण व्यवस्था शुरू की थी। पिछले वित्तीय वर्ष तक शहर में 37277 इकाइयां थीं। इनमें 28150 सूक्ष्म, 8877 लघु और 250 मध्यम श्रेणी की इकाइयां थीं।

इन योजनाओं से मिल रहा बढ़ावा
जानकारों का कहना है कि केंद्र और प्रदेश सरकार उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जिला एक उत्पाद योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजना चलाई जा रही हैं। एक जिला एक उत्पाद में चमड़ा, कपड़ा उद्योग शामिल है। इसके तहत विशेष रियायतें दी जा रही हैं।

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नई इकाइयों का विवरण
चमड़ा के अलग-अलग उत्पादों की 1708, एग्रोफूड की 1534, प्लास्टिक उत्पादों की 1012, रेडीमेड गारमेंट की 945, होजरी की 250, इलेक्ट्रानिक्स की 127, कृषि से जुड़ी 117, इंजीनियरिंग उत्पादों की 225 नई इकाइयां लगी हैं।

ऐसे करा सकते हैं पंजीकरण
उद्योग विभाग की वेबसाइट udyamregistration.nic.in पर लॉगिन कर मोबाइल नंबर, फर्म का नाम, खुद का नाम, उत्पाद का नाम, कर्मचारियों की क्षमता आदि विवरण भरना होगा। सारी जानकारी भरने के बाद नेशनल इंडस्ट्रियल कोड मिल जाता है। यह प्रक्रिया 10 से 15 मिनट में पूरी हो जाएगी। इसके साथ ही स्व प्रमाणन पंजीकरण मिल जाएगा। इसके बाद उद्योग विभाग सर्वे कर नई इकाई की स्थापना की अनुमति देगा।

शहर से निर्यात का भी टूटेगा रिकॉर्ड
शहर में जहां नई इकाइयों का सृजन हुआ है। वहीं निर्यात भी रिकॉर्ड तोड़ होने का अनुमान है। अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक शहर से 9509 करोड़ का निर्यात हुआ था। अप्रैल 2022 से अक्तूबर 2022 तक 6163 करोड़ का निर्यात किया जा चुका है। इस पूरे वित्तीय वर्ष में 13 हजार करोड़ से ज्यादा के निर्यात का अनुमान है। वहीं 2026 के लिए निर्यात लक्ष्य 19500 करोड़ रखा गया है।

एक अप्रैल 2022 से 19 दिसंबर तक 17213 नई इकाइयां खुली हैं। सरकार उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। इसका असर नई-नई इकाइयों के रूप में दिख रहा है। शहर में अब 54 हजार से ज्यादा इकाइयां संचालित हो रही हैं। प्रदेश में कानपुर उद्योग मामले में अग्रणी बन रहा है। - सुधीर कुमार श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र


लौट रहा औद्योगिक स्वरूप
सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयां शहर की रीढ़ हैं। इनमें ही सबसे ज्यादा रोजगार के अवसर होते हैं। सरकार एमएसएमई को बढ़ावा दे रही है। चमड़ा और इससे जुड़े उत्पादों की नई-नई इकाइयां लग रही हैं। यह शहर के लिए बहुत अच्छा है। शहर का औद्योगिक स्वरूप फिर लौट रहा है।- आरके जालान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
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निर्यात को भी प्रोत्साहन
कानपुर नगर और कानपुर देहात से लगातार निर्यात बढ़ रहा है। इस साल अक्तूबर तक ही छह हजार करोड़ से ज्यादा का निर्यात किया जा चुका है। इस वित्तीय वर्ष में 13 हजार करोड़ के निर्यात का अनुमान है। सरकार निर्यात को भी प्रोत्साहित कर रही है।- आलोक श्रीवास्तव, सहायक निदेशक, फियो, कानपुर

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01 लाख से अधिक लोगों को नई इकाइयों में मिला रोजगार
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