नई इकाइयों का विवरण
चमड़ा के अलग-अलग उत्पादों की 1708, एग्रोफूड की 1534, प्लास्टिक उत्पादों की 1012, रेडीमेड गारमेंट की 945, होजरी की 250, इलेक्ट्रानिक्स की 127, कृषि से जुड़ी 117, इंजीनियरिंग उत्पादों की 225 नई इकाइयां लगी हैं।
ऐसे करा सकते हैं पंजीकरण
उद्योग विभाग की वेबसाइट
udyamregistration.nic.in पर लॉगिन कर मोबाइल नंबर, फर्म का नाम, खुद का नाम, उत्पाद का नाम, कर्मचारियों की क्षमता आदि विवरण भरना होगा। सारी जानकारी भरने के बाद नेशनल इंडस्ट्रियल कोड मिल जाता है। यह प्रक्रिया 10 से 15 मिनट में पूरी हो जाएगी। इसके साथ ही स्व प्रमाणन पंजीकरण मिल जाएगा। इसके बाद उद्योग विभाग सर्वे कर नई इकाई की स्थापना की अनुमति देगा।
शहर से निर्यात का भी टूटेगा रिकॉर्ड
शहर में जहां नई इकाइयों का सृजन हुआ है। वहीं निर्यात भी रिकॉर्ड तोड़ होने का अनुमान है। अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक शहर से 9509 करोड़ का निर्यात हुआ था। अप्रैल 2022 से अक्तूबर 2022 तक 6163 करोड़ का निर्यात किया जा चुका है। इस पूरे वित्तीय वर्ष में 13 हजार करोड़ से ज्यादा के निर्यात का अनुमान है। वहीं 2026 के लिए निर्यात लक्ष्य 19500 करोड़ रखा गया है।
एक अप्रैल 2022 से 19 दिसंबर तक 17213 नई इकाइयां खुली हैं। सरकार उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। इसका असर नई-नई इकाइयों के रूप में दिख रहा है। शहर में अब 54 हजार से ज्यादा इकाइयां संचालित हो रही हैं। प्रदेश में कानपुर उद्योग मामले में अग्रणी बन रहा है। - सुधीर कुमार श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र
लौट रहा औद्योगिक स्वरूप
सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयां शहर की रीढ़ हैं। इनमें ही सबसे ज्यादा रोजगार के अवसर होते हैं। सरकार एमएसएमई को बढ़ावा दे रही है। चमड़ा और इससे जुड़े उत्पादों की नई-नई इकाइयां लग रही हैं। यह शहर के लिए बहुत अच्छा है। शहर का औद्योगिक स्वरूप फिर लौट रहा है।
- आरके जालान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद