राजपुर। यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर से नदी की तलहटी पर बसे 10 गांवों में बाढ़ के हाल बेकाबू होने लगे है। राजपुर क्षेत्र में नदी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर पहुंच गई है। पानी के बढ़ने से संपर्क मार्गों पर कटान तेज हो गई है। दो गांवों में लोगों के घर पानी में डूबने से 60 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
यमुना का जलस्तर बढ़ने से शुक्रवार को गौहानी बांगर में 50 घर व जैसलपुर के मजरा महदेवा में 10 घर पूरी तरह पानी में डूब गए। प्रशासनिक अफसरों ने दोनों बाढ़ प्रभावित गांव में पहुंचकर दो सौ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत शिविर स्थापित कर ग्रामीणों के रुकने व भोजन आदि की व्यवस्था कराई जा रही है।
बाढ़ से ब्लॉक के दस गांव प्रभावित हो गये हैं। बैजामऊ बांगर, गौहानी बांगर, जैसलपुर, महदेवा, पिचौरा, महेशपुर, बेहमई, गौहानी बछाटी, गौरीरतन बांगर, किशुनपुर खरका गांव तक नदी का पानी पहुंच गया है। लोगों के घरों में बाढ़ का पानी पहुंचने से उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
भाजपा जिलाध्यक्ष अविनाश सिंह चौहान ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित गौहानी बांगर गांव का जायजा लिया। जिलाध्यक्ष ने गांव के बाहर प्राथमिक विद्यालय में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रशासनिक अफसरों से मिलकर बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद करने को कहा।
108 मीटर पर पहुंचा जलस्तर
राजपुर क्षेत्र में खतरे के निशान 106 मीटर को पार कर नदी का जलस्तर 108 मीटर पर पहुंच गया है। ऐसे में बाढ़ से राजपुर ब्लॉक के बैजामऊ बांगर, गौहानी बांगर व जैसलपुर के अलावा मजरा महदेवा में हालत बेकाबू हो गये है। चारों गांवों के रास्ते पूरी तरह पानी में डूबने से नाव का सहारा है।
दोनों गांव में राहत शिविर लगाए गए हैं। बाढ़ पीड़ितों को ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित पहुंचाया गया है। राजस्व कर्मी लगातार इन क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं।
- रमेश चंद्र यादव, एसडीएम