स्वरूपनगर के रहने वाले 25 साल के युवक की रिपोर्ट हेपेटाइटिस सी पॉजिटिव आई है। अपेंडिक्स की सर्जरी के लिए उसने जांच कराई थी। पता चला कि नाई के उस्तरे से उसे संक्रमण मिला है। उस्तरा का ब्लेड तो बदल दिया गया था लेकिन इसे एंटी सेप्टिक से साफ नहीं किया गया। रोगी का इलाज हैलट में चल रहा।
टैटू बनवाने के शौक के चलते युवा हेपेटाइटिस बी और सी की चपेट में आ रहे हैं। मशीन को सैनिटाइज किए बिना एक के बाद दूसरे को टैटू गोदने से हेपेटाइटिस का वायरस फैल रहा है। जो संक्रमित हो जाते हैं, उन्हें सालों रोग का पता नहीं चलता। जब किसी दूसरी वजह से जांच कराते हैं तो हेपेटाइटिस का पता चलता है।
इसके अलावा कुछ रोगियों का लिवर जब डैमेज हो जाता है तो जानकारी मिलती है। हर साल हेपेटाइटिस के 10 फीसदी रोगी बढ़ रहे हैं। विश्व हेपेटाइटिस दिवस मंगलवार को है। इस बार की थीम ‘हेपेटाइटिस इंतजार नहीं करता’ रखी गई है। हैलट की लिवर क्लीनिक में इस बार पिछले साल की तुलना में हेपेटाइटिस बी के रोगी 10 फीसदी और हेपेटाइटिस सी के आठ फीसदी बढ़े हैं।
ये वे रोगी हैं जिन्होंने सर्जरी या फिर किसी और वजह से खून की जांच कराई और एचसीवी और एचसीबी पॉजिटिव निकल आए। ज्यादातर युवा रोगियों ने टैटू गुदवाए थे, इससे संक्रमण मिला। इनमें अधिक संख्या में ग्रामीण इलाकों के रोगी हैं। इसके अलावा नाई के उस्तरे से भी संक्रमण मिला है। दाढ़ी बनाने में ढंग से उस्तरा साफ नहीं किया गया था।
केस स्टडी
मझावन की रहने वाली युवती (30) ने शादी से पहले टैटू गुदवाया था। इसी में संक्रमण मिला। सवा साल बाद जब वह गर्भवती हुई तो जांच में हेपेटाइटिस बी निकला। उसके पति की रिपोर्ट भी हेपेटाइटिस बी पॉजिटिव आई है। हैलट के लिवर क्लीनिक में रोगियों का इलाज चल रहा है।
लोग टैटू गुदवाने, संक्रमित उस्तरा से दाढ़ी बनवाने, संक्रमित इंजेक्शन से हेपेटाइटिस बी और सी से इन्फेक्टेड हो रहे हैं। हेपेटाइटिस बी के संक्रमितों की संख्या अधिक है। ग्रामीण इलाकों के रोगी अधिक आ रहे हैं। यह संक्रमण रक्त से फैलता है।
डॉ. विनय कुमार, गैस्ट्रोइंटोलोजिस्ट, जीएसवीएम मेडिकल कालेज
हैलट में पंजीकृत
-हेपेटाइटिस बी रोगी-450
-हेपेटाइटिस सी रोगी-167