कानपुर। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर शुक्रवार को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच कानपुर की ओर से नए श्रम कानून और असंगठित श्रमिक वर्ग विषय पर कानपुर मजदूर सभा भवन ग्वालटोली में गोष्ठी का आयोजन किया। श्रमिक नेताओं ने कहा कि आठ घंटे श्रम के लिए मजदूर आज भी संघर्षरत हैं। उनका कोई भी साथ नहीं दे रहा है।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच कानपुर के संयोजक असित कुमार सिंह ने कहा कि असंगठित श्रमिक वर्ग के शोषण को रोकने और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 44 श्रम कानूनों को लागू किया गया था। इनका मुख्य लक्ष्य श्रमिकों को न्यूनतम वेतन की गारंटी देना और सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना था। सरकार अब पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर चार श्रम संहिता कानूनों को लागू कर रही है। मजदूर वर्ग 1886 से आज तक आठ घंटे के श्रम के लिए संघर्ष कर रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कानपुर के पैरा लीगल वालंटियर डॉक्टर परवेज अख्तर और नित्या चावला ने सुप्रीम कोर्ट और सरकार द्वारा मुफ्त कानूनी सहायता पर जानकारी दी। इस मौके पर उमेश शुक्ला, मोहम्मद वशी, ओमप्रकाश आनंद, राजेश सिंह, आरडी गौतम, नौशाद आलम मंसूरी, एसएएम जैदी, प्रताप साहनी आदि मौजूद रहे।