सरवनखेड़ा। गोगूमऊ में टोटी से शुद्ध पेयजल आपूर्ति की आस लगाए लोगों को निराशा हाथ लगी है। दो साल में केवल बोरिंग व पाइप लाइन डालने का काम हो सका है। करीब एक साल से काम रुका है। करीब छह हजार आबादी को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
जल जीवन मिशन से गोगुमऊ व मजरा कुटी, गौरीपुर, सराय के घरों में टोटी से पेयजल आपूर्ति के लिए टंकी बनाने की मंजूरी मिली। पेयजल योजना पर दो करोड़ से अधिक खर्च का अनुमान है। कुटी गांव के बाहर वर्ष 2023 में नलकूप की बोरिंग व पाइप लाइन डालने का काम शुरू हुआ। दो साल में बोरिंग और पेयजल पाइप लाइन बिछाने का काम हो सका। इसके बाद एक साल से काम बंद है। बजट के अभाव में करीब एक साल तक काम बंद रहा। अक्तूबर 2025 में टंकी बनाने का काम शुरू कराया गया लेकिन कुछ दिन बाद ही काम रोक दिया गया। यहां सौर ऊर्जा प्लांट भी नहीं लगाया जा सका। वहीं, मेन लाइन का काम भी अधूरा है।
गोगुमऊ निवासी भाजपा जिला प्रवासी प्रकोष्ठ के संयोजक राजेश तिवारी ने बताया कि दो साल में टंकी नहीं बन सकी। इस साल पेयजल आपूर्ति की आस टूट गई। सराय निवासी सुनील बाजपेई ने बताया कि दूर लगे हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ता है। टंकी निर्माण में सुस्ती हावी रही। गौरीपुर निवासी चांदी लाल सविता ने बताया कि गोगुमऊ में पेट्रोलियम ऑयल डिपो और रेलवे स्टेशन है। यहां एलपीजी बॉटलिंग प्लांट काम भी हो रहा है मगर पेयजल आपूर्ति नहीं की जा सकी है। जल निगम के सहायक अभियंता संजय सिंह ने बताया कि शासन से बजट की मांग की गई है। बजट आवंटन काफी समय से नहीं हुआ है। इसकी वजह से कार्यदायी संस्था काम नहीं कर रही है।