डेरापुर। ब्लॉक की ग्राम पंचायत गेंदामऊ से पकड़े गए तीन गोवंशों को शनिवार को नंदपुर गोशाला भेजा गया था। नंदपुर के प्रधान ने बिगड़ैल गोवंश होने का हवाला देने की बात कहकर संरक्षित करने से इन्कार कर दिया। मामले की जानकारी होने पर बीडीओ ने तीनों गोवंशों को सिठमरा गोशाला में संरक्षित करवाया है।
शनिवार को गेंदामऊ की पंचायत सचिव रूबी गौतम ने गांव में घूम रहे तीन छुट्टा गोवंशों को ग्रामीणों की मदद से पकड़वाया। इसके बाद तीनों गोवंशों को दो लोडर में लादकर नंदपुर गोशाला पहुंचाया। वहां सेवादारों ने गोवंशों को संरक्षित करने के लिए अनुमति नहीं दी। इससे काफी देर तक गोवंश लदे दोनों लोडर गोशाला के गेट पर ही खड़े रहे। गोवंशों को संरक्षित न करने पर पंचायत सचिव ने बीडीओ से शिकायत की। इसपर बीडीओ ने गोशाला की देखरेख कर रहे ग्राम प्रधान प्रमोद गुप्ता से फोन कर गोवंशों को संरक्षित न किए जाने का कारण पूछा। इसपर प्रधान ने बीडीओ को बताया कि पकड़ कर लाए तीनों गोवंश बिगड़ैल हैं।
उनके संरक्षित किए जाने से गोशाला में पहले मौजूद अन्य गोवंशों के लिए खतरे की स्थिति बन जाएगी। साथ ही पंचायत सचिव रूबी गौतम के कार्य क्षेत्र सिठमरा में संचालित गोशाला में संरक्षित करवाए जाने की बात कही। बीडीओ ने बताया कि तीनों गोवंशों को सिठमरा गोशाला में संरक्षित करवाया गया है।