यूपी और एमपी के तराई क्षेत्र के अंतर्गत सती अनसूइया आश्रम के जंगल में कई दिनों से बाघ की दहाड़ गूंज रही है। वन अमले को सती अनुसुईया जंगल के नदी किनारे मिले पैरों के निशान से साबित होता है कि यह पूर्ण वयस्क मेल बाघ है। अनुसुइया जंगल में होने की पुष्टि तब हुई जब जंगल लकड़ी बीनने गए आसपास के गांवों के लोगों का बाघ से उनका सामना हो गया।
बाघ को देख लकड़हारे सरगठ्ठे फेंककर जान बचाकर दूर भाग खडे़ हुए। सनुसुइया आश्रम के आसपास दुकान लगाने वाले दुकानदारों डरकर शाम ढलते ही अपनी दुकानें बंद कर दीं। वन विभाग के एसडीओ जीआर सिंह ने बाघ की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए कहा की संभावना है की यह बाघ पन्ना की ओर से ही यहां आ पहुंचा।