निवेशकों का पैसा डूबने की आशंका
हालांकि,सड़कों में जगह-जगह फव्वारा फूट रहे हैं और करोड़ों रुपये की सड़कें टूट गई हैं। इसलिए जल निगम को यह धनराशि न दी जाए। नगर निगम की साख में गिरावट के साथ ही निवेशकों का पैसा डूबने की आशंका है। उन्होंने धनराशि से नगर निगम की जमीनों में व्यावसायिक परिसर, मल्टी स्टोरी आदि बनवाने की बात कही।
कार्यों की जांच के लिए कमेटी गठित होगी
पार्षदों ने एक स्वर में सड़कों में अंधाकुप, स्ट्रीट लाइट ठीक न होने का मुद्दा उठाया। विकास कार्यों के लिए तय धनराशि ने से 30 से 40 परसेंट ब्लो में टेंडर स्वीकृत होने से घटिया कर होने की आशंका जताई। तय हुआ कि क 15 प्रतिशत से ज्यादा ब्लो टेंडर के बाद होने वाले कार्यों की जांच के लिए कमेटी गठित होगी।
इन प्रस्तावों पर लगाई मुहर
23 अगस्त को स्वीकृत हुए नगर निगम के 19.80 अरब रुपये के बजट, जलकल विभाग के 3.63 करोड़ के बजट, चंद्रयान-3 रोड सहित अन्य सभी प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
40 मिनट में ही खत्म हो गई बैठक
नगर निगम सदन की बैठक दोपहर 2:15 बजे शुरू हुई थी, जो 40 मिनट में औपचारिकताएं पूरी करते हुए 2:50 बजे संपन्न हो गई। वहीं, महापौर ने सदन की बैठक शुरू होने से पहले वहां प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं, महिला पार्षदों के पतियों को बाहर कर दिया।