अस्पताल में भर्ती महिला के पास रोती मां
- फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ की जिला जेल में गेट के बाहर महिला ने रविवार सुबह कोल्ड ड्रिंक में जहरीला पदार्थ मिलाकर पी लिया। इसके बाद वह ससुरालीजनों पर जहर देने का आरोप लगाने लगी। कुछ ही देर में उसके परिजन पहुंच गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव अर्राआवाजपुर निवासी बस चालक धीरेश सिंह पुत्र रघुवीर जनवरी से जिला जेल में बंद है। उसकी पत्नी माधुरी सुबह पति से मिलाई करने पहुंची। आधार कार्ड न होने से मिलाई नहीं हो सकी। उसने जेल गेट के बाहर दुकान से कोल्ड ड्रिंक खरीदी। बैग से पुड़िया निकालकर कोल्ड ड्रिंक में मिलाई और पी गई।
एंबुलेंस से माधुरी को लोहिया अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया
हालत बिगड़ने पर वह हैंडपंप के पास बैठकर चिल्लाने लगी कि उसे सास व ननद ने जहर दे दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर वहां एंबुलेंस पहुंची। इसी बीच जनपद हरदोई के पंजीकरण नंबर की मारुति वैन से उसके परिजन भी जा धमके। एंबुलेंस से माधुरी को लोहिया अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया।
वहां मौजूद जनपद हरदोई थाना सांडी क्षेत्र के गांव बमटापुर चिलौर निवासी माधुरी की मां मीरा पत्नी रामलखन ने बताया कि माधुरी की 10 वर्ष पूर्व शादी हुई थी। उसका तीन वर्षीय बेटा आदर्श पिछले कई दिन से बीमार है। उसके इलाज में बस मालिक से 10 हजार रुपये उधार लेकर माधुरी खर्च कर चुुकी है। अब इलाज की समस्या है।
माधुरी ने ससुरालीजन पर लगाया आरोप बताया उसका उत्पीड़न किया जाता है
ससुरालीजन भी उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। इससे वह पति से मिलाई करने गई थी। आधार कार्ड न होने से मिलाई भी नहीं हो सकी। परेशान होकर उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। जिला जेल के जेलर जीएस यादव ने बताया कि धीरेश को आर्म्स एक्ट में 6 माह की कैद व 1000 रुपये जुर्माना हुआ था।
19 फरवरी से वह जेल में बंद है। 11 जून को उसकी सजा पूरी हो जाएगी। महिला के जहर खाने के संबंध में उन्होंने बताया कि उसकी पारिवारिक समस्या रही होगी। मिलाई करने नहीं आई। कंप्यूटराइज सिस्टम होने से बिना आधार कार्ड के भी बंदी से मिलाई करा दी जाती है।