यूपी के बांदा जिले में मंगलवार को एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां 85 साल की एक महिला पति की मौत के बाद उसकी चिता पर सती होने की जिद पर अड़ गई। कुछ ही देर में एक के बाद एक गांव के लोगों ने पति के साथ चिता पर महिला काे सती होते हुए देखने के लिए मजमा लग गया। महिला के सती होने की खबर जैसे ही पुलिस और प्रशासन को लगी तो उनके होश उड़ गए।
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पति के साथ सती होने के लिए जिद पर अड़ी महिला को समझाते अधिकारी
मध्य प्रदेश की सरहद के पास स्थित कोतवाली क्षेत्र के शाहबाजपुर गांव में सोमवार की रात करीब 11 बजे मंगी यादव (91) पुत्र दादू की मौत हो गई। वह कई माह से कैंसर पीड़ित थे। उनका पौत्र राजकुमार यादव गांव का प्रधान है। पति की मौत के कुछ ही देर बाद सावित्री देवी (85) ने शव के साथ चिता में खुद सती होने का एलान कर दिया। कुछ ही देर में यह खबर फैल गई। आसपास के गांव और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के इलाकों से बड़ी संख्या में आसपास के लोग सुबह से शाहबाजपुर पहुंचने लगे। इसी बीच जिला मुख्यालय सहित तहसील मुख्यालय के अधिकारियों को खबर पहुंच गई।
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पति की मौत के बाद सती होना चाहती थी महिला
पुलिस फोर्स के साथ तहसीलदार (नरैनी) राजीव निगम और कोतवाली प्रभारी रवींद्र तिवारी शाहबाजपुर पहुंच गए। सती होने की जिद पर अड़ी सावित्री को देर तक समझाया और मनाया लेकिन वह अड़ी रही। उसने स्नान कर कुछ श्रृंगार भी कर लिया लेकिन पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने परिजनों और गांव वालों की मदद से उसे घर के अंदर ही रोके रखा। मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे प्रशासन ने परिजनों की मदद से आनन-फानन शव को गांव के बाहर बनी चिता में पहुंचा दिया और दाह संस्कार करा दिया।
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जलती हुई चिता
मुखाग्नि मृतक के बड़े बेटे रामनारायण ने दी। इस दौरान पूरे समय सावित्री के घर पर पुलिस का पहरा लगा रहा। बांदा में पुलिस ने सावित्री को नरैनी सीएचसी लाकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। सावित्री के पांच पुत्र और दो बेटियां हैं। सभी शादीशु़दा हैं। तहसीलदार और कोतावली प्रभारी ने बताया कि गांव में पूरे तरह शांति है अफवाह सुनाने पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस तैनात है।
वृद्धा सावित्री के सती होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में उमड़े हुजूम के पीछे यह कहा जा रहा है कि इस क्षेत्र के लोगों में आज भी अंधविश्वास बरकरार हैं। वह सती प्रथा को भी श्रद्धा से जोड़ते हैं। इसकी पुष्टि में शाहबाजपुर के बुजुर्ग नत्थू और अनोखेलाल ने बताया कि कई दशकों पूर्व यहां गांव में यादव बिराबरी की महिला सती हुई थी। इसके अलावा जनपद के जारी, पनगरा, आऊ आदि गांवों में भी पूर्व में सती होने की घटना हो चुकी हैं।
सती होने की फैली खबर ने शाहबाजपुर गांव के कई किसानों को लंबी चपत दी। सुबह से ही आसपास के गांवों से लोगों का आना शुरू हो गया। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के छतरपुर व पन्ना जिलों के गांवों से भी बड़ी तादाद में लोग पैदल पहुंचे। इन कथित श्रद्धालुओं और तमाशाइयों ने खेतों को रौंद डाला। गेहूं, चना, सरसों आदि की फसल को नुकसान पहुंचा। उधर, सड़क पर भीड़भाड़ से जाम भी लगा रहा।