मोबाइल के जरिए आरोपियों तक पहुंची पुलिस
एडीसीपी वेस्ट ने बताया कि लूटकांड में शातिर बदमाश मोबाइल भी उठा ले गए थे। मोबाइल को पुलिस ने सर्विलांस में लगाया था। मोबाइल बिठूर के बैरी क्षेत्र में लगातार ऑन-ऑफ हो रहा था। पुलिस ने इसी आधार पर बैरी में जांच की। तब पता चला कि विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी के घर में सौरभ शेफ का काम करता है। पुलिस ने संदेह के आधार पर सौरभ को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो वारदात खुल गई।
घटना को अंजाम देने के लिए शातिर को जेल से छुड़ाया
पुलिस की जांच में सामने आया कि नेपाली शनि थापा छह से सात साल पहले विश्वविद्यालय परिसर के गर्ल्स हॉस्टल में ही काम करता था। चोरी के आरोप में पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इधर वित्त अधिकारी के घर में काम करने वाला सौरभ ने वारदात को अंजाम दिलाने के लिए शनि की जमानत कराई।
वारदात को अंजाम देकर तीनों भाग निकले
इसके बाद शनि थाना को पूरी साजिश रचकर वारदात के लिए भेज दिया। वहीं, अमन कटियार और विशांक कुशवाहा विश्वद्यिालय के मेन गेट पर कार लेकर खड़े हुए थे, जबकि सौरभ सिर्फ सभी को फोन पर आदेश दे रहा था। वारदात को अंजाम देने के बाद शनि यूनिवर्सिटी से बाहर निकला और तीनों भाग निकले थे।