फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो पत्नियों संग रहता था सिपाही, बड़ी बहन ने छोटी को बिस्तर पर दी दर्दनाक मौत, 'पेंच फंसा 2 शादी का'

Fri, 14 Sep 2018 12:34 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
डेमो पिक
विज्ञापन
कानपुर पुलिस लाइन में तैनात सिपाही दिलीप कुमार की दूसरी पत्नी बबिता (23) की हत्या का खुलासा पुलिस ने गुरुवार को कर दिया। बड़ी बहन बबली ने ही सोते समय छोटी बहन बबिता की रस्सी से गला कसकर हत्या की थी। पुलिस ने बबली को गिरफ्तार करके कमरे से रस्सी भी बरामद कर ली है। सीओ कैंट अजीत सिंह चौहान ने बताया कि सिपाही से बबिता की बढ़ती नजदीकियों की वजह से उसने यह कदम उठाया। 
विज्ञापन


सीओ के मुताबिक मूलरूप से फतेहगढ़ निवासी सिपाही दिलीप ने बबली व बबिता (सगी बहनें) संग शादी की थी। वह दोनों पत्नियों के साथ कैंट थाने के पुलिस आवास में रहता है। सोमवार रात बबिता की गला घोट हत्या कर दी गई थी। हरदोई के रूपापुर गांव निवासी बबिता के पिता बृजपाल ने दिलीप के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर सिपाही को हिरासत में लिया गया था। सिपाही से पूछताछ में मामला स्पष्ट नहीं होने पर महिला पुलिस ने बबली पर सख्ती की। इस पर उसने बताया कि बबिता से नजदीकियां बढ़ने की वजह से दिलीप उस पर व बेटे (4) पर ध्यान नहीं देता था। इस पर बहन को रास्ते से हटा दिया। 

 
Trending Videos
विज्ञापन

दो शादी मामले की भी जांच, पहले से ही बबली पर था शक

बबिता हत्याकांड में पुलिस को पहले से ही बबली पर शक था। दरअसल, पूछताछ में दिलीप ने पुलिस को बताया था कि बबिता के सुसाइड करने की जानकारी उसे बबली ने ही दी थी। बस यहीं से वह शक के दायरे में आ गई। बबिता को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ करने पर उसने जुर्म कबूल लिया।

दो शादी मामले की भी जांच
सीओ अजीत सिंह चौहान का कहना है कि सिपाही दिलीप द्वारा दो शादी किए जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जिसकी जांच वह खुद कर रहे हैं। जांच के दौरान सिपाही के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है जिसमें सिपाही को न्यूनतम वेतन दिया जाएगा। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध अधिवक्ता संजीव शुक्ला का कहना है कि सरकारी नौकरी के दौरान  कोई भी सरकारी कर्मचारी दो लीगल शादियां नही कर सकता है। इस संबंध में विभागीय कार्रवाई तो की जा सकती है, लेकिन कोर्ट में इसे साबित नही किया जा सकता। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें