कानपुर। सेन पश्चिम पारा में लकड़ी कारोबारी महेशचंद्र विश्नोई की 60 वर्षीय पत्नी मुन्नी को बरगला कर कुछ लोगों ने उनके नाम रही 2.5 करोड़ कीमत की 2500 वर्गगज जमीन उन्हें 65 लाख रुपये देकर अपने नाम करा ली। वहीं, महिला जमीन बेचने से मिलने वाली रकम लेकर घर छोड़कर एमपी के एक आश्रम में रहने लगी। इधर इससे अनजान पति ने सेनपश्चिम पारा थाने में पत्नी की गुमशुदगी व तीन लोगों के खिलाफ पत्नी को बरगलाकर जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। मंगलवार को पुलिस के बुलाने पर महिला कुछ वकीलों के साथ थाने पहुंची। अपनी सफाई पेश कर उन्हीं के साथ कार में बैठकर निकल गई।
बिनगवां निवासी महेशचंद्र ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 2011 में पत्नी के नाम पर 2500 वर्गगज जमीन खरीदी थी। बीते 18 मई की दोपहर तीन बजे पत्नी बिना बताए निकल गई। थाने में शिकायत दर्ज कराई। कुछ लोगों से पता चला कि उनकी बिनगवां में स्थित जमीन का बैनामा राजीव विहार नौबस्ता निवासी राजीव पांडेय ने अपने नाम करा लिया है। महेश अपने बेटों अमित व विवेक के साथ राजीव के घर पहुंचे तो उसने बताया कि तुम्हारी पत्नी मुन्नी ने 65 लाख रुपये में जमीन बेची है। पक्की रजिस्ट्री कराई है जबकि जमीन की मौजूदा कीमत 2.5 करोड़ रुपये है। इसमें जनमेजय सिंह और कमलेश यादव ने भी सहयोग किया। महेश के मुताबिक आरोपियों ने पत्नी को बरगलाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाए। संपत्ति अपने नाम कराई। सेन पश्चिम पारा इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पत्नी बोली, अब मैं नहीं लौटूंगी...
महेश ने बताया कि राजीव से पूछताछ के बाद पता चला कि पत्नी मध्य प्रदेश के शहडोल स्थित शक्ति पुत्र आश्रम में है। किसी तरह आश्रम से संपर्क किया तो पत्नी ने कहा कि अब वह नहीं लौटेगी। आरोप है कि मंगलवार को पुलिस के बुलाने पर पत्नी थाने में बयान दर्ज कराने पहुंची तो उसके साथ वकीलों के अलावा तीन-चार लोग थे।