परिजनों का आरोप है कि रक्त चढ़ाने के कुछ समय बाद ही पूनम की तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। बुधवार को ऑपरेशन के जरिए पूनम ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। गुरुवार दोपहर उसकी हालत फिर खराब होने लगी। परिजनों का कहना है कि शरीर का रंग नीला पड़ने लगा और किडनी समेत अन्य अंग प्रभावित होने लगे। हालत गंभीर होने पर उसे आगरा रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
मृतका के पति हिमांशु पांडेय और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि बिना समुचित जांच के रक्त चढ़ाए जाने से रिएक्शन हुआ, जिससे पूनम की जान चली गई। उनका यह भी कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने समय रहते सही जानकारी नहीं दी और उपचार में भी लापरवाही बरती।
घटना की जानकारी मिलते ही फ्रेंड्स कॉलोनी थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। देर रात तक अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। थानाध्यक्ष अमित मिश्रा ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।