यूपी के हमीरपुर जिले में देवर से शादी न हो पाने पर विधवा भाभी ने मौत को गले लगा लिया। महिला अपने पीछे एक मासूम बच्चा छोड़ गई है।
पोस्टमार्टम हाउस में खड़े परिजन
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उमरिया गांव निवासी शर्मा दाऊ के पुत्र कमेलश राजपूत की पहली शादी 12 साल पहले बसवारी गांव की सुमन से हुई थी। बीमारी के चलते सुमन की मौत हो गई थी। इसके कुछ सालों बाद कमेलश राजपूत की दूसरी शादी सरीला तहसील के दांदौ गांव की रचना (28) से हुई थी।
डेमाे पिक
दो साल पहले क्षय रोग से कमलेश की मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद रचना अकेली होकर अपनी ससुराल में रहने लगी। बताया जाता है कि उस समय परिजनों ने रचना को समझा बुझाकर देवर निर्दोष कुमार से शादी का आश्वासन दिया था। लेकिन देवर का कहना था कि भाभी को वह मां समान मानता है। वह उससे शादी नहीं कर सकता था।
मृतक महिला के चचिया ससुर ओमकार ने बताया कि रचना अपने देवर से शादी करना चाहती थी। शादी न होने पर वह जान से मरने की धमकी देती थी। बताया दो दिन पहले निर्दोष का रिश्ता मवई गांव में तय हो गया था। जब यह बात रचना को पता चली तो उसने शुक्रवार की शाम जब घर के सभी लोग खेतों पर गए थे, तभी फांसी लगा ली। रचना अपने चार साल के मासूम पुत्र शनि को छोड़ गई है।