योजनानुसार पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई। फोन से आशिक को घर की लोकेशन परिजनों से लेकर देती रही। 18 फरवरी को इसी योजना में इलियास अपने गांव के दोस्त फैजल, अपने भाई बरकत अली व बांदा के महुराई दोबरिया के ललित किशोर के सहयोग से रामबाबू के घर पहुंचा। पिछवाडे के रास्ते से फैजल छत पर पहुंचा फिर अकेले सो रहे रामबाबू की कनपटी में गोली मार दी।
इसके बाद आरोपी जिले से बाहर भागने की योजना बना रहे थे। तमंचे को एक खेत की मिट्टी खोदकर दबा दिया था। सर्विलांस के जरिये पुलिस टीम ने सबसे पहले इलियास को पकड़ा। कड़ाई से पूछताछ में उसने हत्या का सारा राज खोल दिया तो पुलिस ने मृतक की पत्नी सविता व अन्य सहयोगियों को दबोच लिया। आरोपियों की निशानदेही पर आलाकत्ल को खेत से बरामद किया है। पुलिस टीम ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है।