हालांकि केस्को के हेल्पलाइन नंबर और एक्स अकाउंट पर भी शिकायत की जा सकती है। इसके बावजूद कई बार उपभोक्ताओं के कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाते हैं। इसकी बड़ी वजह है कि सब स्टेशन के अंतर्गत आने वाले अधिकारियों पर सप्लाई सिस्टम के साथ ही राजस्व वसूली और फॉल्ट आदि की जिम्मेदारी रहती है। इसमें कार्य न होने पर उपभोक्ता एक्सईएन, सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर से लेकर केस्को एमडी के पास तक शिकायत करने के लिए पहुंचते हैं। इस समस्या को देखते हुए अलग-अलग अधिकारियों को कार्यों का जिम्मा दिया जाएगा। इसका ढांचा लाइनमैन से लेकर जेई, एई, एक्सईएन, सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर तक रहेगा। सभी कार्य तय समय पर किए जाने का प्रावधान रहेगा। चारों सर्किल के सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर, मुख्य अभियंता, निदेशक और एमडी सभी कार्याें की मॉनीटरिंग करेंगे।
आईटी : एक्सईएन के नेतृत्व में आईटी विशेषज्ञों की टीम रहेगी। यह हेल्पलाइन नंबर 1912 और सोशल मीडिया पर आने वाली शिकायतों को देखेगी। इन पर स्मार्ट मीटरिंग और आरएमएस सिस्टम की जिम्मेदारी रहेगी। पूरा कंट्रोल रूम इन्हीं के हवाले रहेगा। फील्ड से सारे आईटी विशेषज्ञों को आईटी विभाग में बुला लिया गया है।
लाइन लॉस : बिजली चोरी रोकने के लिए भी टीम बनाई जा सकती है। इसमें शामिल अधिकारी और स्टाफ सभी तरह के लाइन लॉस की आशंकाओं को देखेंंगे। यह अंडरग्राउंड लाइन से लेकर ओवरहेड लाइन से बिजली चोरी रोकेंगे।
केस्को में नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है, जिसका फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा। उन्हें किसी भी कार्य के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सिर्फ हेल्पलाइन नंबर पर आवेदन करने से सारे कार्य हो जाएंगे। - सैमुअल पॉल एन, केस्को एमडी
झटपट पोर्टल पर भी कर सकते आवेदन
यूपीपीसीएल का झटपट पोर्टल में 20 किलोवाट तक के कनेक्शन दिए जा रहे हैं। वहीं 20 किलोवाट से ऊपर के कनेक्शन के लिए निवेश मित्र नामक पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।