डॉ. पांडेय ने बताया कि वेट बल्ब तापमान रहने से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। उत्तर पश्चिमी हवाएं जब तक आती रहेंगी, राहत रहेगी। एक-दो दिन में हवाओं के रुख में बदलाव आएगा तो पारा फिर बढ़ने लगेगा। उन्होंने बताया कि थार मरुस्थल से गर्म हवाएं आ रही हैं। इन उत्तर पश्चिमी नम हवाएं इनमें मिलकर तपिश कम कर देती हैं। उन्होंने बताया कि कई जगह देश में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। एक पश्चिमी विक्षोभ अभी पहाड़ों पर है लेकिन कानपुर परिक्षेत्र में इनका अधिक असर नहीं है।
तापमान
अधिकतम- 38.6 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 19.8 डिग्री सेल्सियस