अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठी नम हवाओं से कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में छाए बादलों ने लंबे समय बाद शहरवासियों को राहत दी है। पूरे डेढ़ महीने बाद भीषण तपिश कम हुई। दिन ढलने के बाद जो तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहता था, वह पांच डिग्री कम होकर 35 डिग्री तक आ गया। हवा में ठंडक भी महसूस हुई। इस बीच बुधवार को मसूरी, देहरादून में हुई बारिश से नम हवाएं प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में पहुंचीं।
जालौन, हमीरपुर और महोबा में तेज आंधी के साथ बरसात हुई, जिससे तापमान लुढ़क गया। इस सीजन में भीषण गर्मी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि एक सप्ताह बाद दिन का तापमान 46 डिग्री से नीचे आया। बुधवार को अधिकतम पारा 45.1 डिग्री रहा। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां शुरू हो गई हैं। फिलहाल कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में अभी तेज बारिश की संभावना इस महीने के आखिरी सप्ताह में संभव होगी। लेकिन इस बीच अलग-अलग क्षेत्रों में बूंदाबांदी, व हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार दिन का पारा धीरे-धीरे नीचे जाएगा।
डॉ. पांडेय के अनुसार इस बार मई से लेकर अभी तक दिन का तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस लगातार अधिक बना रहा। यह पहली बार है जब भीषण गर्मी का दौर इतने लंबे समय तक चला। इसी तरह इस बार मई के आखिरी और जून के पहले सप्ताह से शुरू होने वाली प्री मानसूनी बारिश भी नहीं हुई। यही वजह है कि तापमान चरम रहा।
29 जून से पहले तक शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं रिमझिम बारिश का पूर्वानुमान है। अरब सागर से उठने वाली हवाओं की रफ्तार तेज होने से आगरा, झांसी, कानपुर, फतेहपुर, प्रयागराज होकर आगे की तरफ जाएंगी। इन क्षेत्रों में बादल होने से भी मौसम में काफी अंतर आएगा। 22 से लखनऊ, कानपुर, अयोध्या में छिटपुट बारिश की संभावना भी बन रही है।- डॉ. एसएन सुनील पांडेय प्रमुख मौसम विभाग सीएसए
पिछले आठ दिनों में अधिकतम पारा
19 को- 45.1
18 को- 46.3
17 को- 47.4
16 को- 46.8
15 को- 46.3
14 को- 46.7
13 को- 46.6
12 को- 47.5
11 को- 45.7