कानपुर देहात। मौसम ने गुरुवार तड़के करवट ले ली। उमड़-घुमड़ कर बादल छा गए। कई क्षेत्र में बारिश हुई तो कहीं तेज हवा संग बूंदाबादी हुई। राजपुर क्षेत्र में कई जगह हल्के ओले गिरे। धूल भरी आंधी और आसमान में छाए काले बादल से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आईं। गेहूं की कटाई मड़ाई पूरी तरह रुक गई। वहीं, खेत पर किसान अन्य फसलें काटने व समेटने में जुटे रहे। हालांकि गर्मी से लोगों को राहत मिली है।
अचानक से बदले मौसम व गरज चमक के साथ बिजली गिरने से रसूलाबाद, मैथा में जनहानि हुई। दो किसानों की बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं, कई इलाकों में बिजली व्यवस्था भी ध्वस्त नजर आई। कहीं फाल्ट कुछ देर में ठीक हो गए तो कहीं घंटों ठीक करने में लगा। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
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दो जगह टूटे पांच बिजली के खंभे, रसूलाबाद की बिजली रही बंद
रसूलाबाद। सुबह तेज हवा चलने के कारण रसूलाबाद-बिल्हौर रोड स्थित असालतगंज के पास 33 केवीए लाइन के तीन पोल, पांडू नदी के पास दो पोल टूट गए। इससे रसूलाबाद के विकास नगर, रहीमनगर, शास्त्री नगर, गौतम बुद्ध नगर, केशव नगर, नेहरू नगर, सुभाष नगर, तुलसी नगर, कबीर नगर, आजाद नगर, निराला नगर में सुबह 6 बजे से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। दोपहर दो बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
इधर जानकारी पर बिजली निगम के लाइनमैन व अधिकारी फाल्ट ठीक कराने के साथ बिजली के खंभे बदलवाने में जुटे रहे। बिजली न आने से शाम तक घरों के इनवर्टर दगा दे गए। पांच हजार उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं आरा मशीन, आटा चक्की बंद रहे। अवर अभियंता राजवीर सिंह ने बताया कि 33 केवीए विद्युत लाइन के पांच पोल टूटने के कारण विद्युत सप्लाई ठप है। देर शाम तक खंभे लगवाकर आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
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सरसों व धनियां की फसल समेटने में जुटे किसान
राजपुर। क्षेत्र में गुरुवार सुबह होते ही मौसम का मिजाज बदल गया। दिन भर बादल छाए रहे। इसी बीच हल्की बूंदाबांदी भी हुई। दोपहर तक काले बादल मंडराते रहे। इसके बाद धूप खिली। बदलते मौसम का रुख देखकर किसानों के मांथे पर चिंता की लकीरें खींच गई। किसान गेहूं की फसल के साथ सरसों, धनियां की फसल काट कर समेटने में लगे रहे।
बीहड़ पट्टी के खोजा रामपुर, गौरीरतन बांगर, भुपैय्यापुर समेत कई गांव में बारिश के साथ मामूली रूप से ओलावृष्टि भी हुई। दिन भर बादलों की लुकाछिपी चलती रही। अचानक बदले मौसम से किसान चिंतित दिखे। किसानों को डर है कि यदि तेज बारिश हुई तो तिलहनी फसल चौपट हो सकती है। सरसों, अलसी, मटर, चना, धनिया, गेहूं आदि की फसल पक कर तैयार है। कुछ किसानों ने उक्त फसलों की कटाई कर ली है। कटी फसल खेत या खलिहान में रखी है।
राजपुर के किसान शिवकुमार, गुबार के रामसेवक, गौहानी के सरमन सिंह, खोजा रामपुर के सोबरन सिंह ने बताया कि तेज हवा चली और बारिश हुई, तो सबसे अधिक गेहूं की फसल प्रभावित होगी। हल्की बारिश होने पर भी दाने भीग जाएंगे, जिससे फसल की गुणवत्ता में कमी आएगी। गेहूं के दाने में कालापन आ जाएगा। पिछले साल भी इसी महीने में तेज हवा संग बारिश हुई थी, जिससे सैकड़ों बीघे गेंहू की फसल चौपट हो गई थी। जिला कृषि अधिकारी उमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि जिले में हल्की बूंदाबांदी की सूचना है। किसान समय से फसल की कटाई कर लें।