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बारिश से मौसम सुहाना, किसानों के चेहरे खिले

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कानपुर देहात। जिले में तीन दिनों से हो रही बारिश से मौसम खुशगवार हो गया है। उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है। खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई का काम तेज हो गया है। सिंचाई लागत बचने से किसान बेहद खुश हैं। हालांकि जगह-जगह जलभराव से राहगीरों को दिक्कत हो रही है।
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उमस भरी गर्मी से लोग कई दिनों से परेशान थे। वहीं किसान बारिश के लिए आसमान की तरफ देख रहे थे। शुक्रवार को हल्की बारिश हुई थी। इसके बाद लगातार तीन दिन से बारिश हो रही है। रविवार पूरी रात बारिश हुई, जबकि सोमवार को भी कई जगह पर मूसलाधार बारिश होने से जलभराव हो गया। अकबरपुर में भुगनियापुर रोड, ओवर ब्रिज चौराहा, पराग डेयरी के पास जलभराव हो गया।
बीआरसी परिसर में भी पानी भरने से आवाजाही में दिक्कत हुई। झींझक कस्बा के बीआरसी कार्यालय परिसर में जल निकासी की व्यवस्था न होने से जलभराव हो गया। वहीं कंचौसी रोड, बगवा मोहल्ले में तालाब सा नजारा हो गया। राजपुर कस्बे में कई जगह जलभराव हो गया। ब्लॉक कार्यालय परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया। इसकी वजह से कार्यालय में आवाजाही में परेशानी हुई।
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थाना मार्ग पर भी भीषण जलभराव हो गया। जबकि सिकंदरा तहसील के गेट के बाहर अधिवक्ताओं के चैंबरों के बाहर पानी भरने से लोगों को दिक्कत हुई। राजपुर नगर पंचायत के मुगल रोड से सटे सिलहरा संपर्क मार्ग पर जलभराव से सिलहरा, दयानतपुर, डाढापुर, देवनपुर आदि 12 गांवों के लोगों की कांधी हाईवे तक आवाजाही प्रभावित हुई है।
वहीं रास्तों पर कीचड़ से होकर निकलने में कई राहगीर फिसल कर गिरने से घायल हुए। इसी प्रकार रसूलाबाद में सीएचसी रोड, ब्लॉक रोड पर जलभराव से राहगीरों को दिक्कत हुई। रूरा में बाजार वार्ड, डेरापुर रोड पर भटौली में व बजरंग नगर में जलभराव हो गया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि बारिश से फसलों को फायदा होगा। दो दिन से तेज बारिश होने से धान की रोपाई तेज हो गई है। उमस से भी निजात मिल गई है।
फिर हरी भरी हुई धान की बेड़
कानपुर देहात। जिले में तीन दिन से बारिश हो रही है। इससे किसानों ने धान की रोपाई तेज कर दी है। वहीं तिल, अरहर, बाजरे की फसल को बारिश से फायदा हुआ है। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि खरीफ में धान की फसल अधिकता से होती है। अधिकांश किसान बेड़ खराब होने को लेकर चिंतित थे। सफेदा रोग से धान की बेड़ पीली पड़ने लगी थी।
बारिश से बेड़ फिर से हरी भरी हो गई है। यह समय धान की रोपाई के लिए बेहद उपयुक्त है। ऐसे में बारिश होने का फायदा किसानों को मिला है और धान की रोपाई तेजी से हो रही है। जो किसान मक्का की फसल नहीं तोड़ पाए हैं उनके लिए बारिश नुकसान देय है। वहीं मूंगफली की खोदाई में भी बारिश अड़चन है।
बारिश से गिरी कच्ची दीवारा, हादसा बचा
झींझक। बारिश से ब्लॉक के मकनियापुर गांव में कच्ची दीवार भरभरा कर ढह गई। गनीमत रही कि नजदीक मौजूद महिला चपेट में नहीं आई। झींझक ब्लॉक के मकनियापुर गांव की किशनावती सोमवार को अपने घर में बैठी थीं। तभी अचानक घर की कच्ची दीवार भरभरा कर ढह गई। दीवार से दूर बैठे होने के चलते किशनावती मलबे में दबने से बच गई।
किशनावती ने बताया कि कई बार आवास के लिए अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। दीवार गिरने से अब वह खुले में रहने को मजबूर है। एडीओ पंचायत झींझक रजनीश वर्मा ने बताया कि ग्राम सचिव से जांच करवाई जाएगी। पात्रता के आधार पर आवेदन करवाकर आवास दिलाया जाएगा। (संवाद)
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