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भाल गांव में घुसा खारजा रजबहा व सुनाव नाला का पानी

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कानपुर देहात। खारजा रजबहा के ओवर फ्लो होने व सुनाव नाला के उफनाने से भाल गांव में पानी घुस गया है। इससे गांव के मार्ग के ऊपर से पानी निकल रहा है। जलभराव से गुबार, पिचौरा व बुढना गांव के करीब दस हजार लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है।
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सिकंदरा तहसील के भाल गांव में बारिश का पानी भरा है। वहीं खारजा रजबहा का पानी ओवरफ्लो हो गया है। इससे फसल जलमग्न हो गई हैं। सुनाव नाला भी उफान पर है। इससे पानी भाल गांव में घुस गया है। बब्बन दीक्षित, विक्रम सिंह, वीर सिंह, जसवंत व शिव सिंह ने बताया कि खारजा रजबहा में पानी ओवर फ्लो हो गया है।
वहीं गांव के दूसरी तरफ सुनाव नाला उफान पर होने से जलभराव है। पिचौरा के अंजेश, राजेश व विजय व बुढना गांव के रमेश पाल व शिवपाल ने बताया कि जलभराव से राजपुर आवागमन में दिक्कत हो रही है। जेई महिपाल सिंह ने बताया कि पिंडार्थू झाल के गेट खुले होने से खारजा रजबहा ओवर फ्लो है।
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अब बारिश होने पर लगने लगता डर
कानपुर देहात/रसूलाबाद। बारिश ने गांवों में कहर बरपाया है। मार्गों के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन ठप हो गया है। वहीं कई क्षेत्रों में जलभराव बरकरार है। इधर आसमान में बादल उमड़ घुमड़ रहे हैं। रविवार को सुबह से शाम तक रुक रुक कई जगह पर हल्की बारिश हुई। बारिश होने से जलमग्न क्षेत्रों के किसान व लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
कहिंजरी निवासी छुटकू शुक्ला ने बताया कि लगातार 5 दिन से हो रही बारिश से धान की फसल डूब गई है। बारिश फिर हुई तो जलस्तर कम नहीं होगा और फसल बर्बाद हो जाएगी। वहीं कहिंजरी के गुड्डू कुमार कहते हैं कि बारिश होने पर अब डर लगने लगा है। खेत में पानी भरने से धान, तिल की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
रायपुर में भरा बारिश का पानी, ट्रैक्टर से हो रही आवाजाही
शिवली/रसूलाबाद। शिवली के रायपुर गांव में बारिश का पानी गलियों में भरा है। ट्रैक्टर से ही लोग आवाजाही कर पा रहे हैं। गहराई पर बसे कई घरों में पानी घुस गया है। सूखा स्थान नहीं बचने से पशुओं को समस्या है। रवि वर्मा, राजू, रामचंद्र वर्मा, मोनू व प्रदीप ने बताया कि छुट्टा मवेशी अब शिवली कल्याणपुर रोड पर डेरा जमाए हैं।
रसूलाबाद के भीतरगांव के तोरना बाजार के रास्ते में पानी भरा है। इससे लोगों की आवाजाही बंद है। भीटी कुर्सी के मोंटी दीक्षित, गंगा व भीतर गांव के निर्भय, छोटे मिश्र व भोला अवस्थी ने बताया कि सब्जियां बेचने व रोजमर्रा की जरूरत के लिए खरीदारी के लिए तोरना बाजार नहीं जा पा रहे हैं। इधर एसडीएम अंजू वर्मा के निर्देश पर पूरनपुरवा में मनरेगा मजदूर लगाकर नाला सफाई कराई गई।
अमर सिंह पुरवा में 22 परिवारों ने ऊंचाई वाले घरों में ली शरण
रूरा। अकबरपुर तहसील के धनिरामपुर के मजरा अमर सिंह का पुरवा गांव में बारिश के कहर से 22 परिवारों को घर छोड़ना पड़ा है। ये लोग ऊंचाई पर बने दूसरे ग्रामीणों के घरों में ठहरे हैं। भारी बारिश से अमर सिंह का पुरवा गांव टापू बना है। रविवार को पानी कम नहीं होने व घरों में जलभराव पर 22 परिवारों को दूसरों के घरों में आसरा लेना पड़ा।
दिनेश, विद्यावती, प्रमोद, विनोद, जगदीश, बलराम, मंगल, सोबरन, जगन्नाथ आदि ने बताया कि घरों में करीब पांच फीट तक पानी भरा था। गृहस्थी का कुछ सामान लेकर ऊंचाई पर बने परिचितों के घरों पर ठहरना पड़ा है। ग्राम प्रधान शरबती ने बताया कि 2 हजार की आबादी वाले गांव में 22 घरों में पानी भरा है। इन परिवारों को राशन दिया गया है।
कच्चा घर ढहा, परिवार सुरक्षित
राजपुर। अमरौधा ब्लॉक के सट्टी गांव में रविवार को बारिश के दौरान मजदूर का कच्चा घर ढह गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार घर में मौजूद नहीं था। सट्टी गांव निवासी जमील खां मजदूर है। रविवार को बारिश के दौरान जमील पत्नी व बच्चे घर के बाहर थे। जमील पानी भर रहा था। इसी दौरान कच्चा घर भरभरा कर ढह गया।
मलबे में दबकर अनाज व गृहस्थी का सामान खराब हो गया। घर गिरने पर बच्चे व पत्नी रोने लगे। सूचना पर लेखपाल सचिन कटियार ने क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तहसीलदार कार्यालय भेजी है। एसडीएम भोगनीपुर दीपाली भार्गव ने बताया कि नियमानुसार आर्थिक मदद दी जाएगी।
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