कानपुर। अब कंप्रेस्ड बायो गैस या बायो सीएनजी प्लांट का कचरा (स्लज) मिट्टी की ताकत बढ़ाएगा। आईआईटी के स्टार्टअप एलसीबी फर्टिलाइजर की तकनीक से इसको जैविक व प्रभावी खाद बनाया जा रहा है। जल्द इसका उपयोग किसान करेंगे। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ने के साथ पोषक तत्वों में वृद्धि होगी।
देश भर में बड़े स्तर पर सीबीजी प्लांट लगाए जा रहे हैं। सीबीजी प्लांट में ईंधन का इकोफ्रेंडली विकल्प भले ही तैयार हो रहा हो लेकिन इसका कचरा (स्लज) बड़ी दिक्कत बन रहा है। इसे दूर करने के लिए आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप एलसीबी फर्टिलाइजर ने इसको खाद के रूप में इस्तेमाल करने का तरीका निकाला है। इससे न केवल फसलों का उत्पादन 15 फीसदी तक बढ़ाया जाएगा बल्कि खेती में पानी का खर्चा 40 फीसदी तक कम हो जाएगा।
एलसीबी फर्टिलाइजर के फाउंडर अक्षय श्रीवास्तव ने कहा कि स्लज का सीधा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इस समस्या को दूर करने के लिए बायोनैनो टेक्नोलॉजी की मदद से एक विशेष मिश्रण विकसित किया है। इसे मिलाते ही स्लज में नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश की मात्रा बढ़ने के साथ ही प्राकृतिक रूप से जीवित जीवाणु पैदा होंगे जो मिट्टी को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करेंगे। स्लज से बनी प्रभावी जैविक खाद का सफल परीक्षण हो चुका है।