लद्दाख, कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश के ग्लेशियरों पर तैनात जवानों और पर्वतारोहियों को ठंड से अब आईआईटी का वार्म हग बचाएगा। यह वार्म हग विशेष प्रकार की इलेक्ट्रिक गर्म पट्टी है जो जैकेट पर लगाई जाएगी। इसे लगाने के बाद जैकेट पूरी तरह से गर्म हो जाएगी। यह पट्टी माइनस 50 डिग्री के तापमान तक के लिए उपयोगी है।
बर्फीले इलाकों में तैनात सैनिकों को ठंड से बचाने के लिए आईआईटी ने 100 ग्राम की पट्टी बनाई है। 200 एमएएच बैटरी से संचालित पट्टी एक बार चार्ज होने के बाद 10 घंटे तक काम करेगी। इसे बनाने में केवल पांच सौ रुपये का खर्च आया है। इसे पॉवर बैंक की मदद से भी चार्ज किया जा सकता है। पट्टी को तैयार करने वाले संस्थान के इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर बाकर मजहरी ने बताया कि यह उपकरण एक प्रकार का हीटर है।
इस पट्टी को लचीली प्लास्टिक परत व पारदर्शी पालिस्टर फिल्म पर इलेक्ट्रानिक्स तकनीक का उपयोग करके डिजाइन किया गया है ताकि करंट का झटका नहीं लगे। संस्थान के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने कहा कि इस विशेष पट्टी का प्रोटोटाइप तैयार किया गया है। अलग-अलग मौसम की स्थितियों में इसका परीक्षण किया जाएगा।
अलग-अलग चार्जिंग मोड पर करती है काम
यह पट्टी अलग-अलग चार्जिंग मोड में काम करती है। तापमान को अलग-अलग बताने के लिए विभिन्न रंगों की रोशनी का इस्तेमाल किया गया है। नीले रंग की रोशनी इंगित करती है कि उपकरण सबसे कम गर्म कर रहा है और लाल रंग की रोशनी से यह प्रदर्शित होता है कि उपकरण सबसे गर्म मोड पर है। इसे हटाकर जैकेट को धोना भी आसान है।