कानपुर में स्वास्थ्य विभाग अभी तक स्क्रब टाइफस की जांच की व्यवस्था नहीं कर पाया है। जालौन, ललितपुर और हरदोई जैसे छोटे जिलों ने अपने यहां के रोगियों की जांच कराई तो वहां पहली बार मरीज भी मिले। शहर में स्क्रब टाइफस की हिस्ट्री होते हुए भी जांच के इंतजाम नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग जांच शुरू करने के लिए मेडिकल कालेज की ओर ताक रहा है और मेडिकल कालेज प्रबंधन कह रहा है कि किट उपलब्ध हो जाए तो जांच शुरू करा देंगे। बीते साल नगर के मसवानपुर में एक महिला रोगी को स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई थी।
सैंपल दिल्ली भेजकर जांचें कराई थीं। तब 15 सैंपल स्क्रब टाइफस पॉजिटिव निकले थे। इस बार फिर स्क्रब टाइफस के लक्षणों वाले रोगियों की मौत हो रही है। बावजूद इसके जांच के इंतजाम नहीं हैं। बुंदेलखंड के जिलों में टाइफस की पुष्टि हो रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि वहां टाइफस का माइट आ गया है। हैलट में भर्ती होने वाले रोगियों के इलाज में लक्षणों के आधार पर टाइफस का ही प्रोटोकॉल अपनाया जा रहा है।
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि मशीन तो उनके पास है लेकिन टाइफस की जांच के लिए किट नहीं है। स्वास्थ्य विभाग किट उपलब्ध करा दे तो जांच शुरू हो जाएगी। वहीं सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि जांच शुरू करने के संबंध में वे प्राचार्य से बात करेंगे।