खुद को मुख्यमंत्री, आरएसएस प्रमुख का करीबी और भाजपा का वरिष्ठ नेता बताकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले कानपुर के सचेंडी के सीड़ी इटारा निवासी विष्णु बाबू दिवाकर ने गिरफ्तारी के डर से लोगों के पैसे लौटाने शुरू कर दिए हैं। उसने मेरठ निवासी अधिवक्ता संगीता सिंह यादव को 6.25 लाख रुपये एक अधिवक्ता के जरिये लौटा दिए।
अधिवक्ता संगीता ने बताया कि पिछले साल उनकी मुलाकात विष्णु बाबू से हुई थी। उसने खुद को आरएसएस प्रमुख का करीबी बताते हुए एक आयोग में उपाध्यक्ष का पद दिलाने का झांसा देकर रुपये ठग लिए थे। फिर पार्टी फंड, राम मंदिर निर्माण के नाम पर भी ठगा।
26 जुलाई को मेरठ की ही भाजपा नेता पूजा बंसल के रिपोर्ट दर्ज कराने बाद संगीता ने मेरठ में विष्णु बाबू के खिलाफ ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एक अधिवक्ता के जरिये ठग ने सारे रुपये लौटा दिए। हालांकि ठग के शिकार लोगों की फेहरिस्त बड़ी लंबी है। एक दर्जन से अधिक मामले हैं। वहीं, पनकी रोड निवासी जालसाजी की शिकार कमलावती ने भी जिस जमीन पर विष्णु बाबू दिवाकर का कब्जा था उसे अपने कब्जे में ले लिया है।