विकास दुबे का अंतिम संस्कार कानपुर के भैरव घाट पर हो रहा है लेकिन पुलिस वहां मीडिया को जाने से रोक रही है।
"हमें किसी ने बताया कि हमारा बेटा मारा गया है हमने कहा ठीक किया गया। (सवाल-क्या आप उसके अंतिम संस्कार पर जाएंगे?) मैं उसके अंतिम संस्कार पर क्यों जाऊं। हमारा कहा वो मानता तो आज इस दशा को क्यों प्राप्त होता। उसने हमारी कभी मदद नहीं की": #विकास_दुबे की मौत पर उनके पिता
कानपुर के भैरव घाट पर विकास दुबे की अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही है। मौके पर उसकी पत्नी रिचा, बेटा और बहनोई दिनेश तिवारी मौजूद हैं।
विकास के बहनोई दिनेश तिवारी पोस्टमार्टम के बाद एम्बुलेंस से शव लेकर रवाना हुए। साथ में पुलिस की टीम भी है।
डॉक्टरों की टीम ने विकास दुबे का पोस्टमार्टम पूरा कर उसकी बॉडी को सील कर दिया है। उसके शरीर से तीन गोलियां मिली हैं। जो उसके सीने में लगी थीं।
कानपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे व उसके गुर्गों के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हुए गोरखपुर में गोला क्षेत्र के बेलपार पाठक निवासी व कानपुर में तैनात दारोगा सुधाकर पांडेय स्वस्थ होकर अपने घर लौट आए हैं। सुबह मुठभेड़ में विकास दुबे के मारे जाने के बाद सुधाकर पांडेय और उनका परिवार काफी खुश है।
शहीद सीओ के भाई ने कहा अभी तो इंसाफ की शुरुआत है। दरोगा विनय तिवारी ने मेरे भाई को मरवाया। उसे भी सजा मिले।
विकास ने यह भी कबूला था कि आठ पुलिसकर्मियों की मौत के बाद हम लोग सबूत भी मिटाना चाहते थे, इसलिए पुलिसकर्मियों के शव जलाने की फिराक में थे। शव जलाने के लिए हम तेल भी लाए थे।
विकास के एनकाउंटर के बाद पोस्टमार्टम हाउस के बाहर इंस्पेक्टर स्वरूप नगर व उनकी टीम को सम्मानित किया गया।
कानपुर एनकाउंटर में जान गंवाने वाले पुलिस कर्मियों में से एक कांस्टेबल बबलू कुमार का भाई बोले 'विकास दुबे के एनकाउंटर से खुश तो हैं पर ज्यादा अच्छा तब होता जब इसे पता चलता कि अपनों को खोना क्या होता है।'
2002 में चुनावी रंजिश के चलते विकास दुबे ने लल्लन वाजपेयी पर हमला करवाया था। विकास दुबे की मौत पर लल्लन वाजपेयी ने कहा कि आज ऐसा लग रहा है जैसे हम सदियों बाद स्वतंत्र हुए हों।
पोस्टमार्टम प्रभारी डॉ नवनीत चौधरी, डॉ अरविंद अवस्थी डॉ एस के मिश्रा का पैनल विकास दुबे का पोस्टमार्टम कर रहा है।
शिवली के पूर्व चेयरमैन लल्लन बाजपाई बोले विकास दुबे से त्रस्त का पूरा इलाका। साल 2002 में मेरे घर पर बम से हमला किया था जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।
भाजपा नेता और दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की विकास दुबे ने हत्या की थी। संतोष शुक्ला के भाई मनोज शुक्ला बोले 19 साल बाद न्याय मिला। सीएम योगी ने निभाया अपना वादा।
पुलिस ने विकास दुबे की पत्नी और बेटे को छोड़ दिया है। पुलिस ने उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि ऋचा (विकास दुबे की पत्नी) की कोई भूमिका नही मिली है। वह घटना के वक्त बिकरू में नहीं थी।
विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद कांस्टेबल अजय कश्यप जो 3 जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में हुए मुठभेड़ में घायल हो गए थे, उन्होंने कहा कि इससे मेरी आत्मा को शांति मिली है। यह पुलिस और सरकार में जनता के विश्वास को बहाल करेगा।
विकास दुबे की मौत पर बम के हमले में जान गंवाने वाले श्रीकृष्ण मिश्र के परिवार ने खुशी जताई।
दुर्दांत विकास के मौत की खबर उसके गांव बिकरू भी पहुंची लेकिन यहां गलियों में पसरे सन्नाटे और लोगों के चेहरों से खाैफ को नहीं हटा सकी।
शहीद सिपाही राहुल के शांतिपाठ के समय विकास के एनकांटर की सूचना मिलने से शहदी के परिजनों ने खुशी जाताई और कहा कि विकास के साथियों के खिलाफ हो र्कारवाई।
कई जवाबों से अच्छी है खामोशी उसकी
न जाने कितने सवालों की आबरू रख ली
कानून ने अपना काम किया है। अफसोस और मातम की बात उन लोगों के लिए होगी जो कल पकड़ लिया था तो कह रहे थे कि जिंदा क्यों पकड़ लिया? आज मर गया तो कह रहे हैं कि मर कैसे गया कई राज दफन हो गए। म.प्र. की पुलिस ने अपना किया, गिरफ्तार करके यूपी पुलिस के हवाले कर दिया: म.प्र.के मंत्री नरोत्तम मिश्रा