बिकरू कांड में फंसे पूर्व जिला पंचायत सदस्य अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन के फर्जी शपथ पत्र मामले की सुनवाई 25 जनवरी को होगी। कोर्ट ने विवेचक को मूल केस डायरी के साथ तलब किया है।
विकास दुबे के करीबी रहे कुढ़वा गांव निवासी अरविंद त्रिवेदी पर तथ्य छिपाकर 2008 में रिवॉल्वर का लाइसेंस लेने का आरोप है। एसआईटी जांच में फर्जी आईडी पर सिम चलाने का भी खुलासा हुआ था। मामले में रूरा थाने में रिपोर्ट हुई थी।
मामले की सुनवाई अतिरिक्त सिविल जज जूनियर डिवीजन कोमल शुक्ला की कोर्ट में चल रही है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विवेचना प्रभारी इंस्पेक्टर गजनेर आलोक कुमार यादव को मूल केस डायरी के साथ बुलाया है। गुड्डन के अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया कि शस्त्र लाइसेंस लेने के दौरान उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं था। सिम में भी फर्जीवाड़ा नहीं किया गया है।
गुड्डन के चालक सुशील की कोर्ट में पेशी
अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन की मदद करने वाले कार चालक सुशील कुमार उर्फ सोनू की मंगलवार को कोर्ट में पेशी हुई। मामले की अब अगली सुनवाई एक फरवरी को होगी। सुशील पर आरोप है कि उसने गुड्डन को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया था। पुलिस ने मुंबई से गुड्डन के साथ उसे भी गिरफ्तार किया था। दोनों माती जेल में हैं।