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कानपुर: विकास दुबे का बिकरू पंचायत सचिवालय में रखा अनाज हुआ नीलाम, पत्नी रिचा ले सकती हैं कोर्ट की शरण

Mon, 23 May 2022 07:50 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

पूरी कमेटी ने नीलामी की सूचना लिखित रूप में उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी है, जल्द ही आदेश मिलने पर सर्वाधिक बोली लगाने वाले को अनाज हैंडओवर कर दिया जाएगा।
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तहसील बिल्हौर में विकास दुबे के अनाज की नीलामी के दौरान मौजूद अफसर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीते दिनों बिकरू ग्राम पंचायत की प्रधान मधू ने जिलाधिकारी कानपुर नगर नेहा शर्मा से पंचायत सचिवालय में कुख्यात विकास दुबे के गेहूं, चावल रखे होने और सरकारी भवन पर उसका ताला लगा होने की शिकायत की थी, जिसका संज्ञान लेकर डीएम ने तत्काल पंचायत सचिवालय का ताला खुलवाकर उक्त अनाज की नीलामी के आदेश जारी किए थे। 

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सोमवार को नायब तहसीलदार, मंडी सचिव और आपूर्ति विभाग के अफसरों ने पहुंचकर विकास दुबे का अनाज जैसा है जहां है की स्थित में नीलाम कर दिया। नीलाम की अभिलेख अब डीएम को पेश कर सर्वाधिक बोली लगाने वाले को अनाज दे दिया जाएगा। डीएम कानपुर नगर नेहा शर्मा ने बिकरू ग्राम प्रधान की शिकायत का संज्ञान लेकर तहसीलदार बिल्हौर लक्ष्मी नारायण वाजपेयी, विपणन निरीक्षक अमित सिंह, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी हेमंत कुमार और मंडी सचिव अनूप दीक्षित की टीम गठित कर बिकरू पंचायत सचिवालय में विकास दुबे के रखे 608 बोरी गेहूं और 45 बोरी चावल की खुली नीलामी की। 

तहसीलदार ने नायब तहसीलदार दिव्या भारती को अपनी जिम्मेदारी सौंपी थी, जिनकी उपस्थिति में नीलामी काम तहसील सभागार में आयोजित हुआ। 51 हजार रुपये से शुरू हुई बोली एक लाख 5 हजार रुपये तक रुकी। विपणन निरीक्षण अमित सिंह ने बताया कि विधिवत बोली लगाई गई, बोली लगाने वाले सभी लोगों की पूरी डिटेल लेने के साथ हीनीलामी की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। विजय कुमार तिवारी नाम के शिवराजपुर निवासी एक युवक ने सर्वाधिक एक लाख 5 हजार रुपये की बोली लगाई है।

 
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विकास दुबे की पत्नी ले सकती हैं कोर्ट की शरण
कुख्यात विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे ने बताया कि पित की मौत के बाद भी अधिकारी उनके परिवार संग दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को कई बाद पंचायत सचिवालय में रखे गेहूं, चावल निर्गत करने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई और उनकी बिना अनुमति के सारा का सारा अनाज नीलाम कर दिया गया। जिसकी अर्जी वह जल्द ही न्यायालय में लगाएंगी। रिचा दुबे का आरोप है कि आज भी उनकी भू संपत्तियों पर कई लोगा काबिज हैं, कई शिकायतें थानाध्यक्ष से लेकर एसपी तक दीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

 
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