इसके बाद उनकी शिकायत मिलने पर 15 जुलाई को फिर से निरीक्षण किया गया, तब भी वह स्कूल में उपस्थित नहीं थीं। बीएसए वीपी सिंह ने बताया कि बीईओ बावन की संस्तुति पर शिक्षिका का निलंबन कर दिया गया है। इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय और खंड शिक्षा अधिकारी संडीला को जांच अधिकारी बनाया गया है।
मनोचिकित्सक से परीक्षण की दी थी सलाह
स्कूल के प्रधानाध्यापक ने 14 जुलाई को बीईओ को दिए शिकायती पत्र में शिक्षिका पर बच्चों के साथ दुर्व्यहार करने व बिना बताए अवकाश पर रहने का आरोप लगाया था। उन्होंने पत्र में शिक्षिका के मनोचिकित्सक से परीक्षण कराये जाने की भी आवश्यकता बताई थी। लिखा था कि वह कक्षा कक्ष को अंदर से बंद कर लेती हैं। खाना खाकर कमरे के अंदर ही हाथ, पैर धो लेती हैं। बच्चों व साथी शिक्षकों में डर का माहौल बना हुआ है।