विहिप के हिंदू सम्मेलन में संतों और हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने जमकर आग उगली। विहिप मार्गदर्शक, महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद ने तो यहां तक कहा कि फारूख अब्दुल्ला, ओवैसी, राबर्ट बाड्रा और सोनिया को भी यदि भारत में रहना है तो धर्म परिवर्तन कर हिंदू बन जाना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि बेटियों की तरफ गलत निगाह रखने वालों को कड़ा सबक सिखाएं। यह भी कहा कि भारत के पड़ोसी देशों के पूर्वज भी हिंदू हैं, इसलिए सभी को हिंदू धर्म स्वीकार करना चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद की स्वर्ण जयंती के मौके पर आवास विकास स्थित केशव पुरम में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक राजेश पाण्डेय ने कहा कि हिंदुओं का अब एक ही सिद्धांत लागू करना चाहिए कि हम दो हमारे चार।
उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले सभी मुस्लिम और इसाई बंधुओं को अपने पूर्वजों का सम्मान करते हुए हिंदू धर्म स्वीकार कर लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ पिछले कुछ समय घिनौनी हरकत वाली घटनाएं बढ़ी हैं, इसके खिलाफ अभियान छेड़ा गया है।
स्वामी अखिलेश्वरानंद ने कहा कि हमें अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से धर्म की शिक्षा लेने की जरूरत नहीं है। नरेंद्र मोदी हिंदू संगठनों के प्रस्ताव पर पीएम बने हैं।
इसलिए उन्हें अमेरिका और पाकिस्तान जैसे देशों से घबराने की जरूरत नहीं है। श्रीराम जन्म भूमि न्यास के कार्याध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि हमारा विश्वास धर्म परिवर्तन में नहीं है।
लेकिन अपने को हिंदू कहने में सभी को गर्व महसूस करना चाहिए। कहा कि हमें अपने स्वाभिमान की रक्षा हर संभव करनी चाहिए। विहिप केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गो रक्षा कानून देश में आज तक नहीं बनाया गया जबकि इसे लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने आवाज उठाई थी।
इस अवसर पर केंद्रीय कोषाध्यक्ष रामनाथ महेंद्र, मार्गदर्शक डा. सीएम सिंघल, प्रांत संयोजक बद्री प्रसाद, सुरेंद्र मैथानी, अरुणेश मिश्रा, जितेंद्र गांधी, आशीष त्रिपाठी, कमलेश्वर दत्त, अमित अग्रवाल, दुर्गा वाहिनी की मधु तिवारी, गजेंद्र, दिनेश बाजपेयी मौजूद रहे।