कई बार अधिकारियों से भुगतान करने का आग्रह किया
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि पांचों पेट्रोल पंपों को तीन महीने से भुगतान नहीं किया गया है। इस बीच इन पेट्रोल पंप संचालकों ने नगर आयुक्त सहित नगर निगम के कई अधिकारियों से भुगतान करने का आग्रह किया। फिर भी भुगतान न होते देख डीजल की आपूर्ति बंद करने की धमकी भी कई बार दी, लेकिन बकाया धनराशि बढ़ती गई।
निगम की गाड़ियों को नहीं देंगे डीजल
इस मद में 12-13 करोड़ रुपये बकाया हो जाने पर सोमवार को इन सभी पेट्रोल पंप संचालकों ने नगर निगम के वाहनों को डीजल की आपूर्ति बंद कर दी। पंपों में पहुंचे वाहनों को डीजल न मिलने पर चालकों ने अधिकारियों को जानकारी दी। पेट्रोल पंप संचालकों से भी बात की गई, पर उनका कहना था कि जब तक उनका भुगतान नहीं होगा, तब तक वे नगर निगम की गाड़ियों को डीजल नहीं देंगे।
अड्डों से नहीं उठाया गया कूड़ा
इसके बाद वहां से बिना डीजल के गाड़ियां लौट गईं, जिन्हें फजलगंज स्थित रबिश डिपो, विभिन्न जोनों के डंपों आदि में खड़ा कराया गया। दूसरी तरफ विभिन्न वार्डों में घरों से कूड़ा उठाने के कार्य में लगीं जेटीएन सहित दोनों कंपनियों की गाड़ियों ने कूड़ा कलेक्ट किया और उसे आसपास स्थित कूड़ा अड्डों में डाला, पर वहां से कूड़ा नहीं उठाया गया।
गंदगी फैलने से राहगीरों को दिक्कतें
जीटी रोड में द्वारिकापुरी ढाल के पास स्थित कूड़ा घर के बाहर फुटपाथ से लेकर सड़क तक गंदगी फैल गई। इसी तरह बाबाकुटी, किदवईनगर एच-ब्लॉक, दलेलपुरवा, भैरोघाट, ग्रीनपार्क के पाछे, जाजमऊ, साकेतनगर, बर्रा, गोविंदनगर, फूलबाग, सुतरखाना सहित अन्य कूड़ाघरों से कूड़ा नहीं उठा। सड़कों में भी गंदगी फैलने से राहगीरों को दिक्कतें हुईं।