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सब्जी विक्रेता सुसाइड: बयानों को दरकिनार कर इंस्पेक्टर ने लगाई फाइनल रिपोर्ट…निलंबित, अब दोबारा जांच के आदेश

Tue, 17 Sep 2024 10:15 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: चकरपुर मंडी चौकी प्रभारी और सिपाही पर उगाही का आरोप लगा जान देने का मामले में दोबारा जांच के आदेश हुए हैं। सब्जी विक्रेता के बयानों को दरकिनार कर इंस्पेक्टर ने फाइनल रिपोर्ट लगाई थी, जिन्हें निलंबित कर दिया गया है।
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Vegetable Seller Suicide - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में सचेंडी निवासी सब्जी विक्रेता सुनील कुमार प्रजापति की आत्महत्या के मामले में विवेचक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विवेचक ने मुत्यु पूर्व सुनील की ओर से जारी किए गए बयानों को दरकिनार कर एक सप्ताह पूर्व फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इस वजह से आरोपी दरोगा और सिपाही को क्लीनचिट मिल गई।

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मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस कमिश्नर ने विवेचक सचेंडी थाने के अतिरिक्त निरीक्षक अनूप सिंह को निलंबित करने के साथ ही विभागीय जांच बैठा दी है। वहीं मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। इसकी विवेचना तत्कालीन इंस्पेक्टर पंकज त्यागी को दी गई है।
14 मई की रात सचेंडी निवासी सब्जी विक्रेता सुनील कुमार प्रजापति ने घर में फंदे से लटककर जान दे दी थी। खुदकुशी से पहले सुनील ने दो वीडियो बनाकर फेसबुक एकाउंट पर अपलोड किए थे। इसमें उसने चकरपुर मंडी चौकी प्रभारी सतेंद्र कुमार यादव और सिपाही अजय कुमार यादव पर रुपये छीनने, मुफ्त सब्जी लेने और मारपीट करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

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अतिरिक्त प्रभारी कर रहे थे विवेचना
घटना के बाद सुनील के परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया था। सचेंडी पुलिस ने दरोगा सतेंद्र और सिपाही अजय के खिलाफ आत्महत्या के उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की थी। बाद में अवैध वसूली की धारा बढ़ाई गई थी। इसकी विवेचना सचेंडी थाने के अतिरिक्त प्रभारी अनूप सिंह कर रहे थे।

मृत्यू के र्पूर्व दिए गए बयान को विवेचक ने किया दरकिनार
डीसीपी पूर्वी राजेश सिंह ने बताया कि विवेचक अनूप सिंह ने इस माह के पहले सप्ताह में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसमें हवाला दिया था कि मृतक के भाई व वादी ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयानों में पुलिस पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई से इन्कार कर दिया था। शपथ पत्र भी दिया था। विवेचक ने बयानों को दरकिनार करते हुए वादी के बयानों के आधार पर फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसके चलते विवेचक को निलंबित किया गया है।
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पुलिस पर जबरिया बयान बदलवाने का आरोप
ग्रामीणों ने पुलिस ने मृतक के भाई और उसके परिजनों पर जबरिया बयान बदलने का आरोप लगाया है। आरोप है कि पुलिस ने कानूनी कार्रवाई का हवाला देते हुए मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान बदलवा दिया। इसके बाद किसी प्रकार की कोई कार्रवाई न करने की लिखित शपथ पत्र भी ले ली थी।
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