अतिरिक्त प्रभारी कर रहे थे विवेचना
घटना के बाद सुनील के परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया था। सचेंडी पुलिस ने दरोगा सतेंद्र और सिपाही अजय के खिलाफ आत्महत्या के उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की थी। बाद में अवैध वसूली की धारा बढ़ाई गई थी। इसकी विवेचना सचेंडी थाने के अतिरिक्त प्रभारी अनूप सिंह कर रहे थे।
मृत्यू के र्पूर्व दिए गए बयान को विवेचक ने किया दरकिनार
डीसीपी पूर्वी राजेश सिंह ने बताया कि विवेचक अनूप सिंह ने इस माह के पहले सप्ताह में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसमें हवाला दिया था कि मृतक के भाई व वादी ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयानों में पुलिस पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई से इन्कार कर दिया था। शपथ पत्र भी दिया था। विवेचक ने बयानों को दरकिनार करते हुए वादी के बयानों के आधार पर फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसके चलते विवेचक को निलंबित किया गया है।
पुलिस पर जबरिया बयान बदलवाने का आरोप
ग्रामीणों ने पुलिस ने मृतक के भाई और उसके परिजनों पर जबरिया बयान बदलने का आरोप लगाया है। आरोप है कि पुलिस ने कानूनी कार्रवाई का हवाला देते हुए मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान बदलवा दिया। इसके बाद किसी प्रकार की कोई कार्रवाई न करने की लिखित शपथ पत्र भी ले ली थी।