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Kanpur News: उर्सला अस्पताल के चिकित्सकों को बाहर की दवाएं लिखने का रोग

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केस एक
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350 में मिलीं बाहर की दवाएं
कान और गले में दिक्कत होने पर रसूलाबाद से महविश पिता के साथ उपचार कराने उर्सला आईं थीं। उन्होंने बताया कि ईएनटी के डॉक्टर ने एक पर्ची पर बाहर की दवाएं लिखीं। जनऔषधि केंद्र पर इसे दिखाया पर दवा नहीं मिली। बार मेडिकल स्टोर से 350 में दवाएं खरीदीं।

उपचार निशुल्क, दवाओं पर 250 खर्च
किदवई नगर से आई रीना ने बताया कि उनके पिता कादिर के पैर मैं दिक्कत है। डॉक्टर ने अस्पताल के पर्चे पर दवाएं लिखने के बजाय एक दूसरी पर्ची पकड़ा दी। इनको बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदना पड़ा। उपचार पर जहां कोई पैसा नहीं लगा वहीं दवाएं ही 250 की मिलीं।
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संवाद न्यूज एजेंसी


कानपुर। यह दो केस मजह बानगी भर हैं। मरीजों का उपचार करने वाले उर्सला अस्पताल के चिकित्सकों को बाहर से दवा लिखने का रोग हो गया है। यहां डॉक्टर मरीजों को परामर्श वाले पर्चे के अलावा बाहर की दवाओं के लिए अलग से पर्चियां दे रहे हैं। इससे रोगियों को सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के बावजूद महंगी दवाओं का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। सोमवार को अस्पताल की ओपीडी में आए कई रोगियों ने इस पर अपना दर्द बताया।
शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद उर्सला अस्पताल में बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। ईएनटी, मेडिसिन, स्किन, हड्डी रोग, बाल रोग, सर्जरी विभाग में सोमवार को उपचार के लिए आए रोगियों को बाहर की दवाएं लिखी गईं। रोगियों का कहना था कि अगर दवाएं जनऔषधि केंद्र पर मिल जाएं तो फिर कम रुपये लगेंगे, लेकिन वहां भी वह नहीं मिलती और बाहर स्थित मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ती है। इसी तरह अस्पताल में मिलीं नवाबगंज से आई रानी ने बताया कि दो दिन से बुखार आ रहा था। उर्सला में दिखाने आईं तो डॉक्टर ने बाहर की दवाएं लिख दीं। रानी और उसके पिता ने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते ही उर्सला में दिखाने आए थे और यहां बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ीं। शुक्लागंज से आई प्रीति ने बताया कि डॉक्टर बाहर की दवा पर्ची पर अलग से लिखकर दे रहे थे। मेरे पैर में दर्द की समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने बाहर की दवा लिख दी। अब इतनी महंगी दवाएं बाहर से खरीदेंगे तो क्या फायदा अस्पताल में फ्री दिखाने का। वहीं बिरहाना रोड से आए लाल बहादुर ने बताया कि वह बुखार सर्दी की दवा लेने आए थे पर डॉक्टर ने दवा की पर्ची थमा दी। अस्पताल के औषधि काउंटर पर पूछने गए तो वहां दवा नहीं मिली। बताया कि बाहर मेडिकल स्टोर पर ये दवाएं मिलेंगी।
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सत्यता मिली तो करेंगे कार्रवाई
अस्पताल में रोगियों के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाएं हैं अगर इसके बावजूद कोई डॉक्टर बाहर की दवाएं लिखता है तो उनका वेतन काटा जाएगा। अगर किसी डॉक्टर ने ऐसा किया है तो जांच कराई जाएगा। सत्यता मिली तो कार्रवाई करेंगे। - डॉ. बीसी पाल, उर्सला निदेशक
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