दो दर्जन गांवों के लिए एकमात्र सड़क
वहीं, भारी वाहनों का भार नहीं झेल पाएगी। ग्रामीणों ने बताया यह सड़क करीब दो दर्जन से अधिक गांवों के लिए शहर जाने के लिए एकमात्र सड़क है, जो पिछले चार साल से जर्जर हालत में है। इसी सड़क से रोजाना लगभग चार हजार लोग एक दिन में आवागमन करते है।
ठेकेदार बोला- बजट और मानक के अनुरूप हो रहा है काम
अब जब सड़क बनने लगी थी। ग्रामीणों को लगा की सड़क अच्छी बनेगी, लेकिन घटिया निर्माण की वजह से ग्रामीणों का गुस्सा फ़ूट पड़ा। वहीं काम करा रहे ठेकेदार का कहना है जितना बजट है...उसी बजट के अनुसार काम हो रहा है। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड द्वितीय यह कार्य करा रहा है।
सहायक अभियंता को जांच के लिए भेजा
बता दें कि 35 लाख में चार किलोमीटर सड़क बनाने का ठेका नैंसी कंस्ट्रक्शन को दिया गया है। इस खंड के अधिशासी अभियंता आरके त्रिपाठी ने बताया कि इस सड़क के गड्ढे भरते हुए 20 मिली मीटर मोटी तारकोल मिक्स गिट्टी की परत डाली जानी है। सहायक अभियंता अर्पणा कुमारी को जांच के लिए भेजा है।